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सब्सिडी वाले कृषि यूरिया का औद्योगिक दुरुपयोग, आर्य इंडस्ट्रीज पर बड़ी कार्रवाई, केस दर्ज पंजाब सरकार और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के निर्देशों पर लुधियाना जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांव रांके स्थित प्लाइवुड फैक्ट्री आर्य इंडस्ट्रीज में छापा मारा। इस कार्रवाई में फैक्ट्री से कृषि-ग्रेड यूरिया बरामद किया गया, जिसे अवैध रूप से प्लाइवुड निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा था। यह वही यूरिया है जिसे भारत सरकार किसानों को भारी सब्सिडी पर उपलब्ध कराती है। कृषि विभाग की टीम ने डाखा थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। मुख्य कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह ने बताया कि जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री कृषि कार्य के लिए निर्धारित यूरिया को केमिकल की तरह प्रयोग कर रही थी। नियमों के अनुसार कृषि-ग्रेड यूरिया का उपयोग केवल खेती के लिए किया जा सकता है, किसी भी प्रकार के औद्योगिक उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। अधिकारियों के अनुसार एक बैग यूरिया पर सरकार सैकड़ों रुपये की सब्सिडी देती है। इस तरह के दुरुपयोग से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता भी प्रभावित होती है। प्रारंभिक जांच में बड़ी मात्रा में स्टॉक मिलने की पुष्टि हुई है और पूरे रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। फर्टिलाइजर निरीक्षक अर्शदीप सिंह (हंबड़ा) ने मौके पर ही बरामद यूरिया को सील कर दिया और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ थाना दाखा में एफआईआर दर्ज करवाई गई। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यूरिया किन डीलरों से खरीदा गया, कितने समय से यह खेल चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल है। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने उद्योगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “कृषि-ग्रेड यूरिया का गैरकानूनी इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी उद्योग किसानों की सब्सिडी का दुरुपयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ लाइसेंस रद्द करने तक के कदम उठाए जाएंगे।” प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। जिले भर में खाद की ब्लैक मार्केटिंग और औद्योगिक दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि किसानों के हक की खाद उद्योगों तक न पहुंचे और सरकारी सब्सिडी का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।