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बारामूला 08 Feb : उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले के वुस्सन पट्टन गाँव में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक भावुक मिसाल देखने को मिली, जब कश्मीरी पंडित समुदाय के सम्मानित सदस्य और स्थानीय दुकानदार राधा कृष्ण के निधन के बाद मुस्लिम ग्रामीणों ने उनके अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था की। राधा कृष्ण कई वर्षों से वुस्सन बांगिल में रह रहे थे और उन्होंने कभी पलायन नहीं किया। वे अपने सरल स्वभाव और मिलनसार व्यवहार के लिए पूरे इलाके में जाने जाते थे। गाँव में उनकी निरंतर उपस्थिति कश्मीर की उस पुरानी परंपरा का प्रतीक थी, जिसमें विभिन्न समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और आपसी सम्मान रहा है। एक अनुकरणीय मानवीय पहल के तहत मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पंडित समुदाय के साथ मिलकर न केवल शोक संतप्त परिवार का साथ दिया, बल्कि उनके अंतिम संस्कार में भी सक्रिय भूमिका निभाई। चूंकि राधा कृष्ण के निधन के समय उनके परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद थे, इसलिए स्थानीय मुस्लिम ग्रामीणों ने पूरी ज़िम्मेदारी लेते हुए अंतिम संस्कार की सभी धार्मिक रस्में पूरी श्रद्धा, सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न कराईं। यह संवेदनशील और मानवीय कदम कश्मीरियत की सच्ची भावना को दर्शाता है, जहाँ दुःख और शोक की घड़ी में धर्म की सीमाएँ टूट जाती हैं और मानवता, करुणा व भाईचारा सर्वोपरि हो जाता है। वुस्सन गाँव के लोगों ने राधा कृष्ण के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह घटना घाटी में कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों के बीच आपसी सद्भाव, एकता और साझा मानवता का एक सशक्त और आश्वस्त करने वाला संदेश देती है।