चंडीगढ़/यूटर्न/10 फरवरी। कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस हाउस के सेक्रेटरी जनरल को दिया है। कांग्रेस एमपी गौरव गोगोई ने कहा कि नोटिस दोपहर 1:14 बजे रूल्स ऑफ प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस के रूल 94सी के तहत पेश किया गया था। इस प्रस्ताव पर करीब 118 सांसदों के साइन हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह संख्या विपक्ष के बड़े सपोर्ट को दिखाती है और सेशन के दौरान कथित भेदभाव, बोलने का समय न देने और रुकावटों पर बढ़ती चिंता को दिखाती है। हालांकि, कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी ने पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी की गरिमा का हवाला देते हुए लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस नोटिस पर साइन नहीं किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष के नेता के लिए स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन की मांग वाले नोटिस पर साइन करना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला इंस्टीट्यूशनल प्रोप्राइटी और पार्लियामेंट्री परंपराओं के सम्मान को ध्यान में रखकर लिया गया था, जबकि विपक्ष ने हाउस के कामकाज पर चिंता जताते हुए नोटिस पेश किया था। यह कदम बजट सेशन के दौरान विपक्ष और ट्रेजरी बेंच के बीच चल रहे टकराव में एक बड़ी बढ़त दिखाता है।
असाधारण हालात में उठाया गया असाधारण कदम
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने मंगलवार को कहा कि विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस नोटिस दिया है, और इसे असाधारण हालात में उठाया गया असाधारण कदम बताया। एक्स पर एक पोस्ट में, टैगोर ने कहा कि विपक्ष संवैधानिक मर्यादा में अपना भरोसा बनाए रखता है और स्पीकर के लिए पर्सनल सम्मान बनाए रखता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि विपक्षी सांसदों को सदन में पब्लिक इंपॉर्टेंस के मुद्दे उठाने का मौका लगातार नहीं दिया जा रहा है।
सालों से ऐसी शिकायतों के बाद उठाया कदम
उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस नोटिस लाने का कदम सालों से ऐसी शिकायतों के बाद आया है, जो विपक्ष की चिंताओं की गंभीरता को दिखाता है। इससे पहले, बीजेपी की महिला सांसद ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर सदन में 4 फरवरी, 2026 को हुए हंगामे को लेकर विपक्षी MPs के खिलाफ “नियमों के तहत सबसे सख्त कार्रवाई” करने की मांग की थी। पत्र में विपक्षी सदस्यों पर वेल में घुसने, स्पीकर की टेबल पर चढ़ने और कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
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