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आप नदारद, कांग्रेस-अकाली दल का हंगामा

अधिकारी के रिश्तेदार की मौत पर विवादित टिप्पणी से गरमाई सियासत
-चरणजीत सिंह चन्न- जगरावा/यूटर्न/2/मार्च। स्थानीय बीडीपीओ (BDPO) कार्यालय में ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर सोमवार को जमकर सियासी ड्रामा देखने को मिला। कोरम अधूरा होने और कानूनी प्रक्रिया पूरी न होने का हवाला देकर प्रशासन ने ऐन मौके पर चुनाव स्थगित कर दिया। इसके बाद बीडीपीओ दफ्तर पूरी तरह से 'सियासी अखाड़े' में तब्दील हो गया। विपक्ष (कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल) ने सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) पर हार के डर से चुनाव टालने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, बहसबाजी के बीच एक अधिकारी के रिश्तेदार की मौत पर की गई कथित विवादित टिप्पणी ने इस पूरे मामले में आग में घी डालने का काम किया है। कांग्रेस के 13 और अकाली दल के 4 सदस्य मौके पर डटे रहे, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के 8 सदस्यों में से एक भी चेहरे ने दफ्तर में एंट्री नहीं की। प्रशासन के मुताबिक, कई सदस्यों ने अभी तक पद की शपथ ही नहीं ली थी, जो कि किसी भी चुनाव में हिस्सा लेने के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य है। बताया गया कि दफ्तर के एक कर्मचारी के ससुर का अचानक निधन हो गया था, जिसके चलते वीकेंड (शनिवार-रविवार) के कारण कुछ सदस्यों तक चुनाव की आधिकारिक सूचना (नोटिस) नहीं पहुंच सका। हार के डर से AAP ने रची साजिश:-विपक्ष का तीखा हमला अकाली दल के नेता और पूर्व विधायक एसआर कलेर ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि उनके और कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और हलका विधायक को पता था कि उनके पास आंकड़ा नहीं है, इसलिए 'नोटिस न पहुंचने' का बहाना बनाकर जानबूझकर चुनाव को लटकाया गया है। क्या कहा कांग्रेस के लुधियाना देहाती अध्यक्ष ने:-कांग्रेस के लुधियाना देहाती प्रधान मेजर सिंह मुल्लांपुर ने इसे एक 'सोची-समझी राजनीतिक साजिश' करार दिया। उन्होंने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब हलका विधायक को नोटिस जारी हो सकता है, तो AAP के 8 सदस्यों को नोटिस क्यों नहीं मिला? सरकार हमारे सदस्यों को डरा-धमका कर तोड़ने की फिराक में है।" बिना शपथ के कैसे बनते चेयरमैन?:- विधायक मानूके और BDPO का पलटवार विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हलका विधायक बीबी सर्वजीत कौर मानूके ने कहा कि विरोधियों को कानूनी मर्यादाओं का ही ज्ञान नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जब तक कोई सदस्य पद की संवैधानिक शपथ नहीं लेता, वह किसी ओहदे का दावेदार कैसे हो सकता है?" उन्होंने बताया कि इस देरी के संबंध में उन्होंने एसडीएम जगरांव (उपिंदरजीत कौर बराड़) से भी जवाब मांगा है। बीडीपीओ सुरजीत चंद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सरकार की ओर से 26 फरवरी को चुनाव के निर्देश आए थे। समय कम था और बीच में छुट्टियां आ गईं। सबसे बड़ी बात यह थी कि कई सदस्यों के 'शपथ ग्रहण फॉर्म' ही अधूरे थे, जिन्हें आज पूरा करवाया गया। अमर्यादित टिप्पणी:- अधिकारी के रिश्तेदार की मौत पर अमर्यादित टिप्पणी से बवाल चुनाव टलने के कारणों पर जब बीडीपीओ ने दफ्तर के एक सेक्रेटरी के रिश्तेदार (ससुर) की मौत का हवाला दिया, तो माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। आरोप है कि इस दौरान कांग्रेस के देहाती प्रधान मेजर सिंह मुल्लांपुर शब्दों की मर्यादा भूल बैठे और कथित तौर पर कह दिया, "अगर उनके किसी रिश्तेदार की मौत हुई है, तो क्या हमने कौन सा उनके संस्कार या फूल चुगने जाना है?" इस विवादित बयान पर बीडीपीओ सुरजीत चंद और विधायक सर्वजीत कौर मानूके ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस टिप्पणी को बेहद निंदनीय और अमानवीय करार देते हुए कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी की मौत पर इस तरह की भद्दी बयानबाजी करना किसी भी राजनीतिक नेता को शोभा नहीं देता। फिलहाल, अगली चुनावी बैठक की तारीख का इंतजार है, लेकिन जगराओं की सियासत का पारा इस घटनाक्रम के बाद सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि आप सरकार की तरफ से ब्लॉक समिति के चेयरमैन के चुनाव को पहले ही स्थगित कर दिया गया है। वही देर से आने के बाद जगरांव से कांग्रेसी इंचार्ज जगतार सिंह जग्गा हिसोवाल (जो पहले आम आदमी पार्टी मे विधायक रह चुके हैं) ने 86 अखाड़े में कूदते हुए जोर-जोर से शोर शराबा करते हुए अपनी ताकत की नुमाइश करने की कोशिश की।