Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 01 Jan । मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दिशा-निर्देशों के अनुरूप पंजाब पुलिस ने आज अपने भविष्य की रूपरेखा ‘विजन 2026’ पेश की। डीजीपी गौरव यादव ने इस महत्वाकांक्षी और तकनीक-आधारित योजना का खुलासा करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य पुलिसिंग को और अधिक सक्षम, जवाबदेह और पेशेवर बनाना है। इमरजेंसी रिस्पांस समय घटाने का लक्ष्य इस विजन के तहत डायल 112 इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (ईआरएसएस) को और प्रभावी बनाया जाएगा। मोहाली में 52 करोड़ रुपये की लागत से नया सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जाएगा और 50 करोड़ रुपये खर्च करके आधुनिक पुलिस वाहन खरीदे जाएंगे। डीजीपी ने कहा कि वर्तमान औसत रिस्पांस समय 12–13 मिनट है, जिसे घटाकर 7–8 मिनट करना प्राथमिक लक्ष्य है। पूरे पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को भी 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। सीमा सुरक्षा और निगरानी मजबूत सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के साथ 585 स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए 49.58 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। एंटी-ड्रोन सिस्टम (ADS) को तीन से बढ़ाकर छह किया जाएगा और आगे 10 अतिरिक्त प्रणालियां चरणबद्ध तरीके से खरीदी जाएंगी। ड्रोन रिस्पॉन्स टीमें (DRT) ग्रामीण सुरक्षा समितियों के साथ मिलकर निगरानी करेंगी। आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे में सुधार पिछले तीन वर्षों में पुलिस आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सभी एसपी रैंक के अधिकारियों और थानों को नए वाहन दिए जा चुके हैं। अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत से मेगा पुलिस भवन परियोजना शुरू होगी, जिसमें मोहाली में साइबर क्राइम डिवीजन का नया मुख्यालय, नवांशहर और मलेरकोटला में नई पुलिस लाइनें, 11 नई पुलिस स्टेशन इमारतें और लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में एएनटीएफ रेंज कार्यालय शामिल हैं। टेक्नोलॉजी और अपराध नियंत्रण पुलिस की तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए एजीटीएफ ने पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (PAIS 2.0) को अपडेट किया है। संगठित अपराध सूचना प्रणाली (OCIS) भी अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए अपग्रेड की जा रही है। पुलिस फर्जी विवरणों के आधार पर पासपोर्ट जारी करने या उसमें सहायता करने वाले ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करेगी। शहरी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन शहरी क्षेत्रों में यातायात और आपातकालीन प्रतिक्रिया सुधारने के लिए समर्पित ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों को शहरों के सीसीटीवी फीड और स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलों के माध्यम से एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (IC3) से जोड़ा जाएगा। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि ‘विजन 2026’ का उद्देश्य पंजाब पुलिस को हर स्थिति में सक्षम और नागरिकों के लिए उत्तरदायी बनाना है। इसके माध्यम से इमरजेंसी रिस्पांस समय घटाने, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा प्रणालियों के आधुनिकीकरण में नया मानक स्थापित होगा।