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चंडीगढ़ 24 मार्च : पंजाब में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में जल्द ही 100 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित मौसम केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य किसानों को सटीक और समय पर मौसम की जानकारी उपलब्ध कराना है। मौसम केंद्रों की परियोजना में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह संस्थान इस पूरी परियोजना का तकनीकी साझेदार और मुख्य संचालनकर्ता है। आईआईटी रोपड़ द्वारा इन मौसम केंद्रों के लिए उन्नत सेंसर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण प्रणाली विकसित की जा रही है। संस्थान का उद्देश्य केवल मौसम डेटा एकत्र करना नहीं, बल्कि उसे समझकर किसानों के लिए उपयोगी सलाह में बदलना है। इन आधुनिक मौसम केंद्रों के जरिए तापमान, वर्षा, आर्द्रता, हवा की गति और मिट्टी की स्थिति जैसी अहम जानकारियां वास्तविक समय में एकत्र की जाएंगी। इसके आधार पर किसानों को मोबाइल और डिजिटल माध्यमों से फसल प्रबंधन से जुड़ी सलाह दी जाएगी, जिससे वे बुवाई, सिंचाई और कटाई के सही समय का निर्णय ले सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से फसल नुकसान में करीब 7 से 9 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। साथ ही पानी के उपयोग में भी सुधार होगा, जिससे सिंचाई अधिक प्रभावी और संतुलित हो सकेगी। कृषि विभाग का मानना है कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के दौर में ऐसी तकनीक किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि किसानों की लागत कम कर उनकी आय बढ़ाने में भी सहायक बनेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक के जरिए कृषि को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जाए, ताकि किसान बदलती परिस्थितियों का बेहतर सामना कर सकें।