चंडीगढ़ 3जनवरी। केएमपी (कुंडली–मानेसर–पलवल) एक्सप्रेसवे कभी केवल दिल्ली के ट्रैफिक को कम करने का रास्ता माना जाता था, वह अब हरियाणा के भविष्य के विकास की रीढ़ बनने जा रहा है। 135.6 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पाँच नए स्मार्ट शहर विकसित करने की योजना बनाई गई है, जो आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय शहरी योजना के सिद्धांतों पर आधारित होंगे। इस पहल का उद्देश्य विकास को कुछ बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय पूरे क्षेत्र में संतुलित रूप से फैलाना है, ताकि 2041 तक की आबादी और रोजगार की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
विकास और प्रशासनिक सुधार
राज्य सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में बड़ी संख्या में विकास परियोजनाओं को पूरा किया गया है। प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली, भर्तियों में पारदर्शिता और नई नीतियों व कानूनों को लागू करना शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी सुविधाएँ पहुँचाने का प्रयास किया गया है। सात-सितारा (रेनबो) योजना के तहत गाँवों को सुविधाओं के आधार पर रेटिंग दी जाती है, जिसमें अधिकांश गाँव छह-सितारा श्रेणी में आ चुके हैं।
केएमपी कॉरिडोर: एक नया विकास अध्याय
केएमपी एक्सप्रेसवे को अब केवल सड़क परियोजना नहीं, बल्कि स्वावलंबी शहरों की श्रृंखला के रूप में देखा जा रहा है। इन शहरों में रहने, काम करने और व्यापार की सुविधाएँ एक साथ विकसित की जाएँगी। इस परियोजना को हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) लागू करेगा। योजना और निगरानी के लिए एक विशेष संस्था पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।
760 गांवों को करेगी प्रभावित
यह परियोजना पाँच जिलों के लगभग 760 गाँवों को प्रभावित करेगी। शहरों की योजना इस तरह बनाई जा रही है कि ट्रैफिक जाम, हरियाली की कमी और पुरानी अवसंरचना जैसी समस्याएँ शुरू से ही न हों। इसके लिए पानी प्रबंधन, ऊर्जा की बचत और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को शुरुआत से शामिल किया जाएगा।
भविष्य के पाँच स्मार्ट शहर
केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ विकसित होने वाले प्रत्येक शहर की एक अलग पहचान और भूमिका तय की गई है, ताकि पूरा क्षेत्र एक विविध और मजबूत आर्थिक गलियारा बन सके। हालांकि इन शहरों के नाम अभी तय नहीं किए गए हैं, लेकिन उद्देश्य यह है कि दिल्ली-एनसीआर पर निर्भरता कम हो और लोगों को घर के पास रोजगार मिले।
शहर का स्थान जिला मुख्य उद्देश्य प्रमुख गतिविधि
नॉर्दर्न गेटवे सोनीपत शिक्षा व तकनीक रिसर्च संस्थान, आईटी पार्क
लॉजिस्टिक्स नेक्सस झज्जर भंडारण व विनिर्माण वेयरहाउस, फैक्ट्रियाँ
न्यू गुरुग्राम विस्तार गुरुग्राम वित्तीय व कॉर्पोरेट केंद्र कार्यालय, उच्च स्तरीय आवास
कमर्शियल कनेक्टर नूंह व्यापार व कृषि-आधारित उद्योग मंडियाँ, फूड प्रोसेसिंग
साउदर्न स्मार्ट सिटी पलवल आवास व लघु उद्योग सस्ता आवास, छोटे उद्योग
2041 को ध्यान में रखकर योजना
इस पूरी परियोजना की योजना लंबे समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके कई मुख्य बिंदु हैं। जिसमें पानी, सीवर और बारिश के पानी की समेकित व्यवस्था, पार्क, जंगल और पैदल चलने के लिए सुरक्षित क्षेत्र, केएमपी और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ी स्मार्ट सड़कें, उद्योग और व्यापार के लिए अलग-अलग क्षेत्र, सोहना के पास बन रहे 1,000 एकड़ के ‘ग्लोबल सिटी’ जैसे प्रोजेक्ट्स से तालमेल शामिल है।
हरियाणा के भविष्य की नींव
केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ पाँच स्मार्ट शहरों का विकास केवल इमारतें खड़ी करने का काम नहीं है, बल्कि यह हरियाणा के भविष्य की नींव रखने की कोशिश है। इससे बड़े शहरों पर दबाव कम होगा और छोटे इलाकों में भी विकास पहुँचेगा। योजना के अनुसार, बेहतर आवास, रोजगार के अवसर और आधुनिक सुविधाएँ लोगों को कम दूरी में बेहतर जीवन देने का रास्ता खोलेंगी। इस दृष्टि से, केएमपी एक्सप्रेसवे अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि हरियाणा को भविष्य की ओर ले जाने वाला मार्ग बनता जा रहा है।
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