बठिंडा/यूटर्न/26 मार्च। युवा और टकसाली नेता गुरसेवक सिंह को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) शहरी का प्रधान नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति को पार्टी के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे शहर में अकाली दल को नई ताकत मिलने की उम्मीद है।
इस मौके पर बठिंडा शहरी के हल्का इंचार्ज इकबाल सिंह बबली ढिल्लों ने गुरसेवक सिंह को बधाई देते हुए कहा कि वे एक टकसाली और निष्ठावान अकाली नेता हैं, जिन्होंने हमेशा पार्टी के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि गुरसेवक सिंह की लंबी राजनीतिक यात्रा और अनुभव पार्टी के लिए बहुत लाभदायक साबित होगा। बबली ढिल्लों ने यह भी बताया कि गुरसेवक सिंह पहले काउंसलर रह चुके हैं और उनका लोगों के साथ गहरा जुड़ाव है, जिसका लाभ पार्टी को जरूर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि गुरसेवक सिंह की नियुक्ति से शहर में अकाली दल की पकड़ और मजबूत होगी और आने वाले चुनावों में पार्टी को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस नियुक्ति से नया उत्साह पैदा हुआ है।
नवनियुक्त शहरी प्रधान गुरसेवक सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सांसद हरसिमरत कौर बादल और बठिंडा शहरी विधानसभा के हल्का इंचार्ज इकबाल सिंह बबली ढिल्लों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वे पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए काम करेंगे और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।
बबली ढिल्लों ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल का मकसद लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि बठिंडा ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब का विकास अकाली दल की सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि साल 2027 में अकाली दल की सरकार बनने के बाद बठिंडा का बाकी विकास भी किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान विकास के लिए एक ईंट भी नहीं लगाई और विकास कार्य लगभग ठप हो चुके हैं। अब लोग शिरोमणि अकाली दल की सरकार को याद कर रहे हैं।
इस मौके पर जिला देहाती प्रधान जगसीर सिंह कल्याण, सुशील कुमार गोल्डी, गुरसेवक सिंह मान, बीबी जोगिंदर कौर, बीबी बलविंदर कौर, यादवींद्र सिंह यादव, कुलदीप सिंह नंबरदार, मोहनजीत पुरी, विनोद बोदी, राकेश काका, गुरप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह संधू, डॉ. गुरसेवक सिंह, इकबाल सिंह मिठड़ी, बलविंदर सिंह बल्ले, परम्पाल सिंह सिद्धू, कर्मजोग सिंह मान, प्रेम चंद, हरतार मनी ढाबा, नायब सिंह बराड़, पिरतपाल सिंह गुरु नानक पुरा, रविंदर सिंह चीमा, सुनील कुमार फौजी, नरेंद्रपाल सिंह, हरमनपाल सिंह रिंका, हरविंदर सिंह गंजू, रोशन सिंह ग्याणा, हरपाल सिंह ढिल्लों, जसविंदर सिंह आदि उपस्थित थे।