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मुबाकरपुर में बढ़ी समस्या, प्रशासन की निष्क्रियता पर रोष डेराबस्सी 16 Jan : कस्बा मुबारकपुर के मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। बाजार और गलियों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दुकानदार भी खासे परेशान हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्ते अक्सर टोलियां बनाकर राहगीरों पर हमला कर देते हैं। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और रात के समय काम से लौटने वाले लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बन चुकी है। कई बार ये कुत्ते दोपहिया वाहनों के पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। निवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को शिकायतें दी गईं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले। जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहा है। मुबाकरपुर के निवासियों ने मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों या एनिमल शेल्टरों में भेजा जाए। साथ ही कुत्तों की नसबंदी की मुहिम को तेज किया जाए, ताकि इनकी संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके अलावा बाजारों और रिहायशी इलाकों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, जिससे कूड़े के ढेरों पर कुत्ते एकत्र न हों। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोग बिना डर के अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए आ-जा सकें।