फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन (फीको) का एक प्रतिनिधिमंडल, श्री के.के. सेठ, चेयरमैन फीको, तथा श्री गुरमीत सिंह कुलार, अध्यक्ष फीको, के नेतृत्व में भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी से मिला तथा हाल ही में जारी मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीज़ल (रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026 के संबंध में अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा रिटेल आउटलेट्स से डीज़ल खरीदने पर लगाए गए प्रतिबंध तथा प्रति वाहन प्रतिदिन 200 लीटर डीज़ल की सीमा से उद्योगों, विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र, पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। अधिकांश उद्योग अपनी दैनिक डीज़ल आवश्यकताओं के लिए पेट्रोल पंपों पर निर्भर हैं क्योंकि उनके पास स्वयं के कंज्यूमर पंप या ईंधन भंडारण की व्यवस्था नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि लुधियाना उत्तर भारत का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां साइकिल, टेक्सटाइल, होजरी, मशीन टूल्स, फास्टनर्स, ऑटो पार्ट्स, कृषि मशीनरी, टायर-ट्यूब, हैंड टूल्स, सिलाई मशीनों एवं प्लाईवुड का बड़े पैमाने पर निर्माण होता है। उद्योग स्वच्छ ईंधन अपनाने और पर्यावरणीय पहलों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन डोराहा तक गैस पाइपलाइन पहुंचने के बावजूद लुधियाना के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों एवं फोकल प्वाइंट्स को अभी तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
फीको ने केंद्र सरकार से इस अधिसूचना पर पुनर्विचार करने, उद्योगों पर लगाए गए प्रतिबंध वापस लेने तथा डीज़ल खरीद पर किसी भी प्रकार की सीमा लागू करने से पहले सभी औद्योगिक क्षेत्रों में PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाने की मांग की।
इस अवसर पर श्री राजीव जैन, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट फीको; श्री सतनाम सिंह मक्कड़, प्रचार सचिव फीको; श्री मंकर गर्ग, प्रमुख प्लास्टिक डिवीजन फीको; श्री बरिंदर बावा, एग्जीक्यूटिव सदस्य फीको; श्री गुरमुख सिंह रूपाल, प्रमुख सिलाई मशीन डिवीजन फीको; तथा श्री तरसेम लाल थापर, प्रमुख मालेरकोटला डिवीजन फीको भी उपस्थित थे।