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चंडीगढ़ 22 Jan । मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के पार्षद रामचंद्र यादव ने डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। खास बात यह रही कि उनके नामांकन प्रस्तावक कांग्रेस के दो पार्षद बने, जिससे सियासी समीकरणों पर सवाल खड़े हो गए हैं। रामचंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन संगठन के भीतर कुछ ऐसे लोग हैं जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में मौजूद “दीमक” जैसी सोच रखने वालों को अलग किया जाना चाहिए, ताकि संगठन मजबूत रह सके। यादव ने आरोप लगाया कि वह चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चुनाव में जिन तीन वोटों ने क्रॉस वोटिंग की थी, उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से पार्टी के सभी पार्षदों को शक की नजर से देखा जाता है, जो गलत है। रामचंद्र यादव का यह कदम न केवल AAP के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है, बल्कि मेयर चुनाव से पहले चंडीगढ़ की राजनीति में नई हलचल भी पैदा कर रहा है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनौती से कैसे निपटता है।