लुधियाना/यूटर्न/28 जुलाई। मंगलवार को लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) प्रणाली के विरोध में लुधियाना जिला बार एसोसिएशन के सभी मेंबर्स द्वारा डीसी ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। वकील भाईचारे की और से कचहरी से लेकर डीसी ऑफिस तक पहले पैदल मार्च निकाला गया। जिसके बाद सरकार और एलएडीसी प्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फिर उनकी तरफ से धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि लिखित आश्वासन के बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन प्रेजिडेंट एडवोकेट विपिन सग्गर ने कहा कि साल 1987 से लागू लीगल एड नीति के तहत 100 से 125 वकील पैनल में शामिल होकर जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराते थे। उनका आरोप है कि नई एलएडीसी नीति के तहत सरकार ने इस संख्या को घटाकर केवल 8 से 10 वकीलों तक सीमित कर दिया है। एडवोकेट गगनप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि एलएडीसी के तहत नियुक्त वकील सीधे तौर पर न्यायपालिका और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मुकदमों में निष्पक्ष सुनवाई और क्रॉस-एग्जामिनेशन प्रभावित हो रही है। वकीलों ने दावा किया कि इस व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में मामलों में आरोपियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और सजा की दर बढ़ रही है।
जनता हो रही परेशान
वहीं इस पूरे मामले में कुल मिलाकर जनता परेशान हो रही है। क्योंकि कई लोगों के केस जिला अदालतों में अहम पहलु पर खड़े हैं, वहीं हाईकोर्ट में भी कई केसों की सुनवाई जरुरी है। लेकिन वकील भाईचारे की मांगें न मानने के कारण जनता को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान वकीलों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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