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बांदीपोरा 08 Feb : पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद पर हुए भीषण आत्मघाती हमले के खिलाफ शनिवार शाम बांदीपोरा ज़िले के सुम्बल इलाके में शिया समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च लगातार जारी रहे। इस हमले में 30 से अधिक नमाज़ियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शादिपोरा पायीन, नौगाम, इंदरकोट, जालपोरा और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग एकत्र हुए और पाकिस्तान में शिया समुदाय पर हो रहे बार-बार के लक्षित हमलों पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में विफल रहने के लिए पाकिस्तानी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया और इस तरह की हिंसक घटनाओं को तत्काल समाप्त करने की मांग की। प्रदर्शन के तहत लोगों ने इलाके की अंदरूनी सड़कों पर कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए आयोजित किया गया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “हुकूमत-ए-पाकिस्तान मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए, जो पाकिस्तान में शिया मुसलमानों की लगातार हो रही हत्याओं के खिलाफ उनके गुस्से और पीड़ा को दर्शाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस विरोध का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान में जारी सांप्रदायिक हिंसा की ओर आकर्षित करना और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करना है। इस बीच, भारत ने इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। एक आधिकारिक बयान में भारत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने से जुड़ी गंभीर समस्याओं को सुलझाने के बजाय उनके लिए दूसरों को दोषी ठहराने की कोशिश करता है। बयान में कहा गया, “भारत इस तरह के हर आरोप को पूरी तरह खारिज करता है, जो निराधार और निरर्थक हैं,” और आतंकवाद के पीड़ितों के साथ एकजुटता दोहराई गई। गौरतलब है कि शुक्रवार की नमाज़ के दौरान इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित शिया मस्जिद के पास हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 169 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, एक आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद के गेट के पास पहुंचकर विस्फोटक उपकरण में विस्फोट कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके से पहले गोलीबारी की आवाज़ें सुनाई दीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।