बड़ा बदलाव: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ में अहम बैठक, नई नीति से बदल जाएगा विज्ञापन का स्वरूप
लुधियाना/चंडीगढ़ 12 Feb : पंजाब सरकार राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी और शहरों को नया लुक देने के लिए 'पंजाब स्टेट आउटडोर एडवरटाइजिंग पॉलिसी-2026' का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर चुकी है। इस नई नीति को अमलीजामा पहनाने के लिए आज चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य सचिव (Chief Secretary) की अगुवाई में सभी संबंधित विभागों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। 2026 की यह नीति पुरानी विज्ञापन नीति से न केवल व्यापक है, बल्कि इसमें विज्ञापनों के लिए ऐसे स्थान भी खोले गए हैं जो अब तक वर्जित थे।
निजी संपत्ति और पब्लिक यूटिलिटी का होगा इस्तेमाल
नई पॉलिसी के ड्राफ्ट के अनुसार, अब विज्ञापन केवल यूनिपोल तक सीमित नहीं रहेंगे। पहली बार निजी घरों की छतों (Roof-top), दीवारों, सार्वजनिक शौचालयों, गारबेज पॉइंट्स और स्ट्रीट लाइट पोल्स को भी विज्ञापन के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट वाहनों, बसों, पुलिस बूथों और टैक्सियों पर भी कमर्शियल विज्ञापन चस्पा किए जा सकेंगे।
रोड सेफ्टी पर कड़ा प्रहार: हाईवे 'यूनिपोल फ्री' करने की तैयारी
मौजूदा एडवरटाइजिंग पॉलिसी में स्टेट और नेशनल हाईवे के चौराहों पर लगे विशालकाय यूनिपोल अक्सर हादसों का सबब बनते हैं। नई नीति में रोड सेफ्टी और ट्रैफिक रिसर्च सेंटर की सिफारिशों पर बड़ा फैसला लिया गया है। अब हाईवे और मुख्य चौराहों पर यूनिपोल नहीं लगाए जा सकेंगे, ताकि चालकों का ध्यान न भटके।
निगमों की बढ़ेगी सिरदर्दी; टैक्स चोरी रोकना होगा बड़ी चुनौती
जहाँ नई नीति राजस्व बढ़ाने का दावा कर रही है, वहीं नगर निगमों के लिए यह बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि:
निगरानी का संकट: निजी संपत्तियों और गली-मोहल्लों में विज्ञापन की निगरानी के लिए निगमों के पास स्टाफ की भारी कमी है।
राजस्व का गणित: फिलहाल एक विज्ञापन कंपनी से करोड़ों का एकमुश्त राजस्व आता है, लेकिन नई विकेंद्रीकृत नीति में टैक्स चोरी के रास्ते खुल सकते हैं।
इन विभागों का रहेगा साझा नियंत्रण
यह नीति पूरे पंजाब में एक समान लागू होगी, जिसमें लोकल गवर्नमेंट, हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, PWD (B&R), ग्रामीण विकास, जनसंपर्क और गृह विभाग (पुलिस) की सामूहिक भूमिका रहेगी। बैठक में ड्राफ्ट को हरी झंडी मिलने के बाद सरकार इस पर जनता से आपत्तियां मांगेगी, जिसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी।
न्यूज कैप्सूल: क्या बदलेगा?
आम आदमी को लाभ: लोकेशन के आधार पर निजी छतों से कमाई का मौका।
हादसों पर लगाम: नेशनल हाईवे और चौराहों से विज्ञापनों का बोझ कम होगा।
स्मार्ट सिटी को बल: डिजिटल और सुव्यवस्थित विज्ञापन प्रणाली से सौंदर्यीकरण बढ़ेगा।