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जीरकपुर 20 Feb : करीब पांच महीनों से बंद पड़े डॉग पाउंड के कारण शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। कॉलोनियों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर झुंड में घूमते कुत्तों के चलते बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों में भय का माहौल बन गया था। नगर परिषद ज़ीरकपुर में इस दौरान डेढ़ सौ से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें कुत्तों के काटने, रात के समय हमलों और स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा जैसी गंभीर समस्याओं का जिक्र था। लगातार बढ़ते जनदबाव और शिकायतों के बाद प्रशासन ने आखिरकार कार्रवाई की। एक सप्ताह पहले विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने जीरकपुर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी परमिंदर सिंह भट्टी के साथ डॉग पाउंड का दौरा किया और अधिकारियों को कुत्तों की नसबंदी का काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे डॉग पाउंड का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम में पशु चिकित्सक डॉ. दविंदर सिंह, डॉ. रिया, इंस्पेक्टर रणजीत सिंह और कावा संस्था से जुड़े प्रदीप बजाज शामिल थे। निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आईं। डॉक्टरों ने बताया कि परिसर में चिकित्सकों के लिए अलग वॉशरूम की सुविधा नहीं है। इसके अलावा कुत्तों के भोजन की उचित व्यवस्था के लिए किचन या शेड का निर्माण भी जरूरी है। चिकित्सकों ने सुझाव दिया कि पाउंड को मानकों के अनुरूप संचालित करने के लिए साफ पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण आवश्यक है। यदि इन कमियों को शीघ्र दूर किया जाता है, तो डॉग पाउंड प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि डॉग पाउंड को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवश्यक निर्माण व सुधार कार्य जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। बोर्ड की स्वीकृति मिलने के बाद इसे नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। शहरवासियों को उम्मीद है कि डॉग पाउंड के फिर से खुलने से आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण प्रक्रिया तेज होगी, जिससे कुत्तों की संख्या नियंत्रित की जा सकेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार से आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम और मंगलवार से नसबंदी का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह कदम लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में अहम माना जा रहा है और अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इसे कितनी जल्दी धरातल पर उतारता है।