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चंडीगढ़, 30 दिसंबर: पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में सदन ने दस्मेश पिता स्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों—बाबा अजीत सिंह जी, बाबा जुजार सिंह जी, बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी—की लासानी शहादत को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया। इस अवसर पर सदन ने माता गुजरी जी, बाबा जीवन सिंह जी, बाबा संगत सिंह जी, दीवान टॉडर मल जी और अन्य महान शहीदों को भी याद कर उनके योगदान को सलाम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार साहिबजादों की शहादत हमें सिखाती है कि अत्याचार के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए और अपने असूलों के लिए मर मिटना ही सबसे बड़ा साहस है। उन्होंने कहा कि ये महान बलिदान आने वाली पीढ़ियों को अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य, आवागमन, सफाई और सुरक्षा के पूर्ण प्रबंध किए गए थे, जैसे कि ई-रिक्शा और बसों की व्यवस्था, ताकि शहादत समारोह के दौरान किसी को कोई असुविधा न हो। उन्होंने नवें पातशाह स्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यह जोड़ते हुए कहा कि साहिबजादों के ये बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि असूलों पर डटे रहने और मानव स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवंत प्रेरक संदेश हैं।