चंडीगढ़ 05 March : नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड एंटी-करप्शन फोर्स (एनएचआरएसीएफ) के अध्यक्ष कमलजीत सिंह पंछी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य डॉ. जतिंदर सिंह शुंटी से मुलाकात कर उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पवित्र सिरोपा और फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपने जन-जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष पोस्टर भी प्रस्तुत किया, जिसमें भिखारियों को नकद दान देने के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया है। संगठन का कहना है कि नकद दान कई बार अनजाने में संगठित भीख मांगने और बाल शोषण को बढ़ावा देता है।
इस पहल के तहत लोगों से अपील की गई है कि वे नकद देने के बजाय जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करें। संगठन का उद्देश्य शहर को भिखारी-मुक्त और शोषण-मुक्त बनाने के लिए जिम्मेदार दान की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जागरूकता पोस्टर को शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह संदेश पहुंच सके।
डॉ. जतिंदर सिंह शुंटी ने संगठन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। उन्होंने इस अभियान के समर्थन में एक वीडियो संदेश भी जारी किया और लोगों से भिखारियों को नकद देने से बचने की अपील की।
इस मौके पर एनएचआरएसीएफ के चेयरमैन अनिल वोहरा, महासचिव रजत मल्होत्रा, उपाध्यक्ष राजन महाजन, दिलजीत ठकुराल और सचिव रविंदर नाथ भी मौजूद रहे। संगठन ने मानवीय गरिमा की रक्षा, बाल शोषण को रोकने और समाज में जिम्मेदार सामाजिक व्यवहार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।