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नवीन गोगना बठिंडा 7 मार्च—विजिलेंस बठिंडा रेंज ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए श्री मुक्तसर साहिब में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर रमनदीप गुप्ता को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस टीम ने यह कार्रवाई शहर के माल रोड पर ट्रैप लगाकर की। आरोपित की पहचान रमनदीप गुप्ता निवासी निरवाना एस्टेट बठिंडा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रमनदीप गुप्ता पहले बठिंडा जिले में तैनात रह चुका है और पिछले करीब दो वर्षों से श्री मुक्तसर साहिब में ड्रग इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत था। इस मामले की शुरुआत मानसा रोड स्थित रेडिनेक्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक रोमी बांसल की शिकायत से हुई। रोमी बांसल ने विजिलेंस विभाग को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि ड्रग इंस्पेक्टर उसे काफी समय से मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। शिकायत में कहा गया कि आरोपित फैक्ट्री को दोबारा सील करने की धमकी देकर उससे दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था और इसमें से एक लाख रुपये एडवांस के रूप में देने के लिए कहा गया था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने डीएसपी संदीप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर ट्रैप लगाने की योजना बनाई। शनिवार को सरकारी अवकाश होने के बावजूद ड्रग इंस्पेक्टर ने रोमी बांसल को फोन कर माल रोड स्थित एक दुकान के पास पैसे देने के लिए बुलाया जैसे ही रोमी बांसल ने आरोपित को एक लाख रुपये दिए, पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार से मिले रंग लगे नोट विजिलेंस टीम ने आरोपित की कार से रंग लगे नोट भी बरामद कर लिए। इन नोटों के नंबर पहले ही विजिलेंस टीम द्वारा दर्ज किए गए थे, जिनका मौके पर मिलान भी किया गया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने दावा किया कि यह पैसे उसके नहीं हैं और उसे फंसाने के लिए उसकी कार में रख दिए गए हैं। उसका कहना था कि उसकी कार की खिड़की खुली हुई थी। लेकिन विजिलेंस टीम ने बरामद नोटों के नंबरों का मिलान कर उसकी दलील को खारिज कर दिया। फैक्ट्री मालिक रोमी बांसल का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे न देने के कारण 17 जनवरी 2026 को उसकी फैक्ट्री को गैरकानूनी तरीके से सील कर दिया गया था। बांसल के अनुसार उनकी फैक्ट्री में करीब 200 लोगों को रोजगार मिलता है और उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। वहीं डीएसपी विजिलेंस संदीप सिंह ने बताया कि आरोपित से एक लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली गई है। उसके खिलाफ थाना विजिलेंस रेंज बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा ताकि मामले की आगे गहराई से जांच की जा सके। पहले भी फैक्ट्री पर हुई थी कार्रवाई उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ मुहिम के तहत 17 फरवरी 2026 को जिला मुक्तसर पुलिस ने एसएसपी अभिमन्यु राणा के नेतृत्व में बठिंडा में चल रही एक कथित अवैध फैक्ट्री पर कार्रवाई की थी। पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना किलियांवाली में केस दर्ज किया था। उस समय पुलिस ने दो आरोपितों मनीष कुमार और साहिल कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एटिजोलाम गोलियां, प्रेगाबेलिन कैप्सूल और करीब 7.26 लाख रुपये की नशीली दवाएं बरामद करने का दावा किया था। पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस का कहना था कि नशीली दवाओं की सप्लाई मानसा रोड स्थित इसी रेडिनेक्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री से की जा रही थी।