Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
हमारी सरकार अनुशासनहीनता एवं ड्यूटी में लापरवाही के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति बनाए रखती है: हरपाल सिंह चीमा हम पंजाब के लोगों के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध: हरपाल सिंह चीमा स्टेट टैक्स कमिश्नर द्वारा एक साल से अधिक समय से अनुपस्थित चार अधिकारियों के विरुद्ध ‘डीम्ड इस्तीफा नियम’ लागू चंडीगढ़, 1 जनवरीः सख्त अनुशासन एवं जवाबदेही लागू करने के लिए पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा के निर्देशों की पालना करते हुए स्टेट टैक्स कमिश्नर, पंजाब ने एक साल से अधिक समय से अनधिकृत छुट्टी पर पाए गए चार विभागीय कर्मचारियों के ‘डीम्ड इस्तीफे’ के आदेश जारी किए हैं। स्टेट टैक्स कमिश्नर जतिंदर जोरवाल द्वारा जारी किए गए ये आदेश तीन आबकारी एवं कर इंस्पेक्टरों एवं एक क्लर्क पर लागू होते हैं, जो कई कानूनी नोटिसों एवं अपने संबंधित कार्यालयों में पुनः हाजिर होने का मौका दिए जाने के बावजूद अपनी ड्यूटियों से अनुपस्थित रहे। इस अनुशासनात्मक कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘हमारी सरकार अनुशासनहीनता एवं ड्यूटी में लापरवाही के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति रखती है। जनसेवा के लिए समर्पण एवं उपस्थिति की आवश्यकता होती है। इसलिए, वे कर्मचारी जिन्हें बार-बार अपनी स्थिति स्पष्ट करने के मौके दिए जाते हैं लेकिन वे लगातार वर्षों से अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं, उनके लिए प्रशासन में कोई स्थान नहीं है। हम पंजाब के लोगों के लिए एक पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ - पारदर्शी, जवाबदेह शासन सुनिश्चित करने के लिए अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस पंजाब सिविल सेवाएं (सजा एवं अपील) नियम, 1970 के नियम 8 के तहत की गई एक सख्त जाँच प्रक्रिया के बाद इन 4 कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त की गई हैं। इस मामले में एक इंस्पेक्टर अपनी छुट्टी की अर्जी उच्च अधिकारियों द्वारा रद्द किए जाने के बाद 15 मार्च, 2023 से जालंधर-2 में अपने पद से अनुपस्थित था। इसी तरह, एक अन्य इंस्पेक्टर 24 जून, 2023 से लगातार अनुपस्थित पाया गया। वह निलंबित किए जाने के बावजूद अपने निर्धारित मुख्यालय को संतोषजनक स्पष्टीकरण या रिपोर्ट देने में असफल रहा। विभाग द्वारा रोपड़ रेंज के एक इंस्पेक्टर के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई, जो अपनी मंजूरशुदा एक्स-इंडिया छुट्टी की समाप्ति के बाद 29 मई, 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित था। इस कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य संबंधी एवं हृदय सर्जरी के दावों के बावजूद, स्वतंत्र जाँचों में उसे अपनी सरकारी ड्यूटियों में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया गया क्योंकि वह वर्चुअल मोडों के द्वारा भी जाँच में शामिल होने में असफल रहा। इसके अलावा, जालंधर ऑडिट विंग का एक क्लर्क द्वारा एक्स-इंडिया छुट्टी की मंजूरी न मिलने के बाद 11 सितंबर, 2023 से ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने में असफल रहने के बाद उसकी सेवाएँ समाप्त कर दी गई हैं। इन चारों मामलों में, आबकारी एवं कर विभाग ने 13 मार्च, 2025 की वित्त विभाग की हिदायतों के अनुसार ‘डीम्ड इस्तीफा’ धारा का उपयोग किया। इस नियम के तहत एक साल से अधिक समय के लिए मंजूरशुदा छुट्टी के बिना अनुपस्थित रहने वाले किसी भी कर्मचारी को सरकारी सेवा से इस्तीफा दिया हुआ माना जाएगा। इस इस्तीफे के परिणामस्वरूप इन व्यक्तियों को कोई ग्रेच्युटी, पेंशनरी लाभ, या कोई अन्य सेवा-संबंधित लाभ नहीं दिया जाएगा। इस मामले में सक्षम अधिकारी ने पाया कि जबकि कुछ कर्मचारियों ने पारिवारिक या स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन वे कानूनी रूप से मंजूर समय सीमा के अंदर ड्यूटी पर पुनः हाजिर होने में असफल रहे, जिस कारण अंतिम प्रशासनिक आदेश जारी किए गए।