Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़, 1 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य परिवहन विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त 347 ड्राइवरों को क्वालिफाइंग सर्विस और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ देने का फैसला किया है। इस फैसले का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करना और समान पद वाले कर्मचारियों के बीच समानता सुनिश्चित करना है। इन ड्राइवरों को वर्ष 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था और बाद में वर्ष 2006 में हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप-C) हरियाणा रोडवेज सेवा नियम, 1995 (समय-समय पर संशोधित), के तहत रेगुलर किया गया था। हालांकि, जनवरी 2014 में सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुए आपसी समझौते में केवल 1 जनवरी, 2003 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को ही शामिल किया गया था, इसलिए वर्ष 2002 में नियुक्त ड्राइवरों को यह लाभ नहीं मिल पाए थे, जिससे जूनियर ड्राइवरों को अपने सीनियर्स की तुलना में ज़्यादा सैलरी और पेंशन लाभ मिल रहे थे। इस फैसले से, वर्ष 2002 में भर्ती हुए ड्राइवरों को उनकी शुरुआती नियुक्ति की तारीख से रेगुलर माना जाएगा। शुरुआती नियुक्ति की तारीख से सेवा की गणना करके एसीपी इत्यादि, पुरानी पेंशन योजना और पारिवारिक पेंशन योजना, 1964 का लाभ प्रदान करने, जनरल प्रोविडेंट फंड खाते खोलने जैसे विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे। ये सभी लाभ 31 अगस्त, 2024 तक सैद्धांतिक रूप से दिए जाएंगे तथा वास्तविक वित्तीय लाभ 1 सितंबर, 2024 से या सरकार द्वारा तय की गई किसी अन्य कट-ऑफ तारीख से मिलेंगे।