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हरियाणा/यूटर्न/ 14मार्च। रेवाड़ी शहर में लगभग एक हजार वर्षों से सुरक्षित रखे गए सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पवित्र अवशेष बीती सांय रेवाड़ी में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु लाए गए। पंजाबी समाज एवं आर्ट ऑफ लिविंग के संयुक्त सहयोग से शुक्रवार 13 मार्च की सायंकाल को पंजाबी भवन में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए। पंजाबी समाज के प्रधान सचिन मलिक एवं प्रवक्ता नवीन अदलखा तथा आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रधान ब्रह्मप्रकाश भारद्वाज ने बताया कि रेवाड़ी के लिए सौभाग्य की बात है कि श्रीश्री रविशंकर जी के सानिध्य में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की ओर से सोमनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंग के अवशेषों को भारत भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 1000 साल पहले महमूद गजनवी द्वारा 1025-26 ईस्वी में खंडित किए गए सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के मूल अवशेष (विग्रह) सामने आए हैं, जिन्हें आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से देश भर में 'भारत भ्रमण' के लिए प्रदर्शित किया जा रहा है। तमिलनाडु के अग्नहोत्री ब्राह्मणों द्वारा गुप्त रूप से संरक्षित इन अवशेषों को चमत्कारी चुंबकीय गुणों वाला बताया जा रहा है। इस मौके पर रुद्र पूजा का आयोजन किया गया तथा भंडारा एवं प्रसाद वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत रुद्र पूजा संपन्न करवाई गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की गई। ताकि सभी भक्त इस पावन अवसर का लाभ उठा सकें। पंजाबी समाज के प्रधान सचिन मलिक ने बताया कि समाज को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि इतने पवित्र और ऐतिहासिक अवशेषों के दर्शन का अवसर आयोजित किया जा रहा है। वहीं आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से ब्रह्म प्रकाश भारद्वाज और नरेश कालड़ा ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिकता, सकारात्मकता और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह पवित्र अवशेष देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा के दौरान रुद्र पूजा और आध्यात्मिक सभाओं के साथ भक्तों को दर्शन के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं।