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चंडीगढ़/यूटर्न/28 मार्च। चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित चंडीगढ़ जिला अदालत परिसर में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक महिला के पर्स से पिस्तौल बरामद हुई। सुरक्षा जांच के दौरान हुए इस खुलासे ने अदालत परिसर में मौजूद लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया। जानकारी के अनुसार खरड़ निवासी लवप्रीत अपने परिचित बलकरण (मोहाली) के साथ किसी मामले की सुनवाई के सिलसिले में अदालत पहुंची थी। दोनों ने वाहन बाहर खड़ा कर पैदल एंट्री की। प्रवेश द्वार पर लगे स्कैनिंग सिस्टम से गुजरते समय महिला के पर्स में संदिग्ध वस्तु होने का अलर्ट मिला। जैसे ही पर्स को स्कैनिंग मशीन में रखा गया, तुरंत रेड अलार्म बज उठा। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पर्स की जांच की, जिसमें से पिस्तौल बरामद हुई। इसके बाद दोनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया और हथियार को कब्जे में ले लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-36 थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और डीएसपी धीरज कुमार ने भी स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पूछताछ के दौरान बलकरण ने दावा किया कि पिस्तौल उसका है और उसके पास वैध लाइसेंस भी है। उसने कहा कि वह पिस्तौल गाड़ी में रखने वाला था, लेकिन गलती से वह महिला के पर्स में रह गई। वहीं लवप्रीत ने पुलिस को बताया कि उसे पर्स में हथियार होने की जानकारी नहीं थी। हालांकि पुलिस दोनों के बयानों को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और मामले की गहन जांच जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा नियमों के बावजूद हथियार अदालत परिसर तक कैसे पहुंचा। गौरतलब है कि इससे पहले भी जिला अदालत में शूटिंग इंसिडेंट अगस्त 2024 में अदालत परिसर में फायरिंग की घटना सामने आ चुकी है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया था। इसके बावजूद ताजा घटना ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।