Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
पंजाब/यूटर्न/30 मार्च। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “शानदार चार साल भगवंत मान के साथ” श्रृंखला के तहत राज्य की “शिक्षा क्रांति” का चार वर्षों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि लगातार सुधारों के कारण सरकारी स्कूल अब मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं और देशभर में बेहतर परिणाम दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, जो गर्व की बात है। सरकार ने स्कूलों में बुनियादी ढांचे, शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 118 “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही शुरू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 740 छात्रों ने JEE और 1284 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की है। साथ ही, 14,525 शिक्षकों की भर्ती और 12,316 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। “बिज़नेस ब्लास्टर” योजना के तहत छात्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे वे नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा, मुफ्त बस सेवा, वाई-फाई सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग जैसे कई कदम उठाए गए हैं। उच्च शिक्षा में भी सुधार करते हुए डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति लागू की गई है और नए कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।