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चंडीगढ़/यूटर्न/8 अप्रैल: विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के थीम ‘टुगैदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस’ को केंद्र में रखते हुए, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के आहार विज्ञान विभाग ने सरकारी मॉडल हाई स्कूल, सेक्टर 11, चंडीगढ़ में एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को ‘टुगैदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस’ विषय पर गहन चर्चा, संवादात्मक सत्र और क्विज़ प्रतियोगिता के माध्यम से जागरूक किया गया। कार्यशाला का नेतृत्व करते हुए डॉ. नैन्सी साहनी, चीफ डाइटीशियन एवं विभागाध्यक्ष, आहार विज्ञान विभाग ने किशोरों और स्कूल-going बच्चों के लिए स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की। वरिष्ठ डाइटीशियन दीपिका पुरी, सहायक डाइटीशियनों एवं डाइटेटिक्स छात्रों की टीम ने बताया कि स्वास्थ्य के शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक सभी पक्ष महत्वपूर्ण हैं और ये मिलकर बच्चों के भविष्य को आकार देते हैं। डॉ. नैन्सी साहनी ने कहा, “पोषण प्रतिरक्षा को मजबूत करने, विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा विशेष रूप से किशोरावस्था के बच्चों की समग्र भलाई सुनिश्चित करने में सक्षम है।” स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती बिंदु पुरी, जिन्होंने आयोजन में पूर्ण सहयोग दिया, के साथ बातचीत में डॉ. नैन्सी ने इस बात पर जोर दिया कि प्राथमिक शैक्षणिक संस्थानों को स्वास्थ्य संवर्धन को अपनी नियमित शिक्षण–अधिगम गतिविधियों में शामिल करना चाहिए, ताकि बच्चों को सही पोषण संबंधी ज्ञान—जो वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित हो—मिले और वे ‘इंस्टाग्राम रील कल्चर’ के भ्रम और भ्रामक जानकारी से बच सकें। इस पहल ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर को सार्थक बनाया और पीजीआईएमईआर की पोषण-सेवा दर्शन को पुनः रेखांकित किया—यह याद दिलाते हुए कि स्वास्थ्य की शुरुआत अक्सर भोजन की थाली में किए गए सूझबूझ भरे विकल्पों से होती है और आज के बच्चे अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए इसके पथ प्रदर्शक बन सकते हैं।