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ज़िला एस.ए.एस. नगर के थाना ज़ीरकपुर क्षेत्र में प्लॉटों की खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन सगे भाइयों समेत कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता प्रियंका पंवार और टिका गौरव चंद परिहार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने गांव भबात स्थित करीब 652 वर्ग गज जमीन में से प्लॉट नंबर 41 और 43 खरीदे थे। आरोप है कि आरोपियों ने जमीन की सही मालिकाना हक और दस्तावेज़ होने का भरोसा देकर उनसे करीब 1.21 करोड़ रुपये ले लिए। जांच के दौरान सामने आया कि उक्त जमीन पहले ही वर्ष 1997 में पूनम गुप्ता के नाम बेची जा चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने वर्ष 2021 में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) बनवाकर 2024 में दोबारा फर्जी तरीके से बिक्री कर दी। बाद में उसी जमीन को अलग-अलग प्लॉट दिखाकर शिकायतकर्ताओं को बेच दिया गया। पीड़ितों ने बताया कि जब उन्होंने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू किया तो विवाद सामने आया। इसी दौरान पूनम गुप्ता ने उक्त जमीन पर अपना दावा जताया। पटवारी रिपोर्ट में भी प्लॉट की स्थिति और पुरानी रजिस्ट्री में अंतर पाया गया, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि होती है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी पूनम गुप्ता अपने पति और अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान मजदूरों को धमकाया गया और निर्माण कार्य रुकवाया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि प्रॉपर्टी डीलर प्रहलाद धीमान, पवन कुमार और नवतेज धीमान ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और जमीन के असली रिकॉर्ड छुपाकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करवाए। आरोपियों ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर प्लॉट बेचकर मोटी रकम वसूली। थाना ज़ीरकपुर पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316, 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद इलाके में प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। पुलिस और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच और कानूनी सलाह जरूर लें।