Uturn Time
Breaking
Chandigarh: भारतीय जनता पार्टी का प्रशिक्षण वर्ग चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां Testing Agin Zirakpur: तेज आंधी ने बढ़ाया खतरा, हाईवे पर उड़ती शीट से हड़कंप Zirakpur: बलटाना में लगातार वारदातें, बुजुर्ग से छीनी सोने की चेन zirakpur: युवक-युवती और दुकानदार में झड़प, शिवालिक विहार में माहौल तनावपूर्ण Chandigarh: कारोबारियों के लिए राहत, राइट टू बिजनेस मॉडल पर काम शुरू Chandigarh: चंडीगढ़ घटना पर कानूनी जंग तेज, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा यूटी प्रशासन Ghaziabad: लुधियाना से CS हरदीप सिंह ने गाज़ियाबाद कार्यशाला में लिया भाग Chandigarh: मान सरकार पर हमले तेज, जाखड़ ने राज्यपाल से की अहम मुलाकात Panchkula: वार्ड-7 बना चुनावी हॉटस्पॉट, प्रेम कुमार ने झोंकी पूरी ताकत Panchkula: तीन शहरों के लिए जीवनदान, पंचकूला में बना ग्रीन कॉरिडोर
Logo
Uturn Time
590 करोड़ का आईडीएफसी फस्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाला चंडीगढ़/यूटर्न/19 अप्रैल। 590 करोड़ के बैंक घोटाले में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा की सीबीआई विशेष अदालत को बताया है कि आरोपी स्वाति सिंगला और उनके भाई, अभिषेक सिंगला को आईडीएफसी फस्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में जमा हरियाणा सरकार के विभागों के खातों के फंड से 292 करोड़ मिले थे। सिंगला भाई-बहन 'स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट' फर्म के मालिक थे, जिसे यह रकम मिली थी। यह पैसा आगे कई संस्थाओं और व्यक्तियों को भेजा गया था। सीबीआई ने 23 फरवरी को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएंडएसीबी) द्वारा दर्ज की गई मूल एफआईआर के आधार पर, 8 अप्रैल को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर के अनुसार, इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं, साथ ही धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, जाली दस्तावेजों का धोखाधड़ी या बेईमानी से उपयोग और आपराधिक विश्वासघात के आरोप भी लगाए गए हैं। सीबीआई विशेष अदालत ने 17 अप्रैल को सीबीआई को छह आरोपियों रिभव ऋषि, अभय कुमार, स्वाति सिंगला, अभिषेक सिंगला, मनीष जिंदल और नरेश कुमार की तीन दिन की हिरासत सौंप दी। रिभव ऋषि इस घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता सीबीआई ने अदालत को बताया कि रिभव ऋषि इस घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) था। वह आईडीएफसी फस्ट बैंक, सेक्टर 32, चंडीगढ़ में बैंक मैनेजर था। सीबीआई ने आगे बताया कि आईडीएफसी फस्ट बैंक में अधिकांश धोखाधड़ी वाले लेनदेन उसके कार्यकाल के दौरान हुए, और जब वह एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में गया, तो उसने वहां भी ये अवैध गतिविधियां जारी रखीं। स्वाति सिंगला के पति, अभय कुमार के संबंध में, सीबीआई ने अदालत को बताया कि वह एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था और एक मुख्य आरोपी है, क्योंकि उसके कार्यकाल के दौरान ही आईडीएफसी फस्ट बैंक में सरकारी खाते खोले गए थे। मनीष और नरेश ने खाते खोलने को बने बिचौले सीबीआई ने कहा कि आरोपी मनीष जिंदल और नरेश कुमार ने विभिन्न सरकारी विभागों के साथ खाते खोलने में बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। सीबीआई ने आगे बताया कि उन्होंने आरोपी रिभव ऋषि और अभय कुमार की मदद की, उनसे नकद रकम ली, और उस अवैध रिश्वत को सरकारी कर्मचारियों के साथ बांटा। सीबीआई ने कहा कि माना जाता है कि इन छह आरोपियों के पास "एक बड़ी साज़िश का पर्दाफ़ाश करने से जुड़ी अहम जानकारी है। इस साज़िश में नए खाते खोलना, दूसरे खातों से आईडीएफसी फस्ट और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंकों में रखे खातों में पैसे ट्रांसफ़र करना, बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर करना, जाली और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाना, और सरकारी पैसे को शेल कंपनियों में भेजना शामिल है।" बचाव पक्ष ने सभी आरोप बताए झूठे सीबीआई के स्पेशल जज राजीव गोयल ने कहा कि बचाव पक्ष के वकील अमित दुदेजा, यवनीत ढाकला, दीपांशु बंसल और कृष्ण कुमार शर्मा ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है। लेकिन रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री और अब तक सामने आए सबूतों को देखते हुए, मेरी राय है कि इन सभी मामलों की ठीक से जाँच होनी चाहिए। और इस मकसद के लिए, सीबीआई की तरफ़ से आरोपियों की पुलिस कस्टडी की माँग सही लगती है। सीबीआई कस्टडी देते हुए, कोर्ट ने आरोपियों को पूछताछ के दौरान 30 मिनट के लिए अपने वकीलों से मिलने की भी इजाज़त दी। ---