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शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिहायशी मकानों में प्रस्तावित बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) आवास नीति को लेकर सोमवार को यूटी गेस्ट हाउस में चंडीगढ़ प्रशासन के पर्यटन निदेशक द्वारा CRAWFED के सदस्यों की बैठक बुलाई गई। बैठक में इस ड्राफ्ट नीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में CRAWFED के चेयरमैन हितेश पुरी के साथ संगठन के प्रमुख पदाधिकारी रजत मल्होत्रा, राजेश राय, जोगिंदर सिंह, धर्मपाल, अजय कुमार, अमनदीप सिंह, अमृतपाल सिंह और सुशील मल्होत्रा उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान CRAWFED ने पर्यटन विभाग की प्रस्तावित बीएंडबी नीति का जोरदार विरोध किया। संगठन ने कहा कि इस नीति से शहर की कानून व्यवस्था, नागरिक ढांचे और रिहायशी क्षेत्रों के मूल स्वरूप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सदस्यों ने विशेष रूप से पार्किंग जाम, पड़ोसी निवासियों को होने वाली असुविधा और रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने की आशंका जताई। उनका कहना था कि यदि इस प्रकार की गतिविधियों को अनुमति दी गई तो आवासीय क्षेत्रों का शांत वातावरण प्रभावित होगा। फेडरेशन ने यह भी कहा कि यह प्रस्ताव चंडीगढ़ प्रशासन की उस लंबे समय से चली आ रही नीति के विपरीत है, जिसमें रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाता रहा है। CRAWFED के चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन यह शहर के नियोजित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रिहायशी सेक्टरों की शांति की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस प्रस्तावित नीति पर पुनर्विचार किया जाए और ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिले तथा चंडीगढ़ के रिहायशी क्षेत्रों की पहचान और शांति भी बनी रहे।