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शहर के मैरिज पैलेसों में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। लाखों रुपये लेकर भव्य आयोजनों का दावा करने वाले इन पैलेसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है। करीब 80 मैरिज पैलेसों में से सिर्फ लगभग 35 के पास ही फायर एनओसी है, जबकि बाकी बिना जरूरी मंजूरी के ही चल रहे हैं। इस लापरवाही को लेकर अब आम लोगों में भी डर और गुस्सा बढ़ने लगा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग तब तक नहीं जागते, जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए। 3 नवंबर 2025 को कालका रोड स्थित औरा गार्डन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। उस समय करीब 1100 लोग आयोजन में मौजूद थे और आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल गाड़ियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी थी। जांच में सामने आया था कि संबंधित गार्डन के पास फायर एनओसी नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद शहर के कई पैलेस अब भी बिना सुरक्षा इंतजामों के संचालित हो रहे हैं। नगर परिषद द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पांच महीने बाद भी सामने नहीं आई है। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ नोटिस जारी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सख्त कार्रवाई की जरूरत है। जब तक नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे हादसों का खतरा बना रहेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी मैरिज पैलेसों की दोबारा जांच कराई जाए और जिनके पास फायर एनओसी नहीं है, उन्हें तुरंत सील किया जाए। नवंबर 2025 को कालका रोड स्थित औरा गार्डन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। उस समय करीब 1100 लोग आयोजन में मौजूद थे और आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल गाड़ियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी थी। जांच में सामने आया था कि संबंधित गार्डन के पास फायर एनओसी नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद शहर के कई पैलेस अब भी बिना सुरक्षा इंतजामों के संचालित हो रहे हैं। “हम अपने बच्चों और परिवार के साथ खुशी मनाने जाते हैं, लेकिन अंदर जाकर डर लगता है कि अगर आग लग गई तो निकलने का रास्ता होगा भी या नहीं।” — राकेश कुमार, निवासी जीरकपुर “मैरिज पैलेस वाले लाखों रुपये लेते हैं, लेकिन बेसिक सेफ्टी तक नहीं देते। यह सीधा-सीधा लोगों की जान से खिलवाड़ है।” — सुमन देवी, गृहिणी “और गार्डन हादसे के बाद लगा था कि प्रशासन सख्त होगा, लेकिन अब लग रहा है कि सब कुछ पहले जैसा ही चल रहा है।” — अमनदीप सिंह, युवक “सरकार और प्रशासन को चाहिए कि बिना फायर एनओसी वाले पैलेस तुरंत बंद किए जाएं, वरना कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।” — राजेश शर्मा, व्यापारी “अफसरशाही आंख बंद करके बैठी है। नगर परिषद और फायर विभाग की मिलीभगत से सारा खेल चल रहा है। लोग लाखों रुपये देकर कार्यक्रम करते हैं, लेकिन सुरक्षा का कोई भरोसा नहीं होता।” — उदयवीर सिंह ढिल्लो, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद जीरकपुर “गठित टीम जांच में लगी हुई है। रिपोर्ट जल्द मंगवाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।” — परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर “फायर एनओसी और सुरक्षा कमियों को लेकर 40 नोटिस जारी किए गए हैं। कार्रवाई जारी है।