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जीरकपुर 08 Jan : तेजी से विकसित हो रहे जीरकपुर शहर में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में सड़कों पर लावारिस पशुओं, खासकर गायों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ये आवारा गायें झुंड बनाकर सड़कों पर घूमती रहती हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही रात के समय कोहरा बढ़ गया है, ऐसे में सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि अब तक प्रशासन की ओर से न तो इन आवारा गायों के गले में रेडियम बेल्ट लगाई गई है और न ही इन्हें सड़कों से हटाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था की गई है। जबकि जीरकपुर में आवारा गायों की वजह से पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान तक जा चुकी है। यहां सबसे ज्यादा है समस्या शहर में अंबाला–चंडीगढ़ रोड, पटियाला रोड, बलटाना, पंचकूला रोड और ढकोली रोड सहित कई इलाकों में आवारा पशुओं की समस्या बनी हुई है। लेकिन सबसे ज्यादा हालात अंबाला–चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और पटियाला रोड पर खराब हैं। अंबाला रोड के किनारे जगह-जगह कूड़ा घर बने हुए हैं, जहां आसपास की कॉलोनियों का कचरा फेंका जाता है। कूड़ा बीनने वाले प्लास्टिक व अन्य सामान के लालच में कूड़े को बिखेर देते हैं, जिससे खाने की तलाश में बड़ी संख्या में आवारा पशु वहां जमा हो जाते हैं। इसके कारण यातायात बार-बार बाधित होता है। एक अनुमान के मुताबिक जीरकपुर, बलटाना, ढकोली, पीरमुछल्ला और आसपास के गांवों में 3000 से अधिक आवारा गायें सड़कों पर घूम रही हैं। चिंता की बात यह भी है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। झुंड में घूमती ये गायें खासतौर पर हाईवे पर हादसों का कारण बन रही हैं। पीरमुछल्ला क्षेत्र में भी आवारा गायों की भरमार देखी जा रही है।. बॉक्स ढकोली क्षेत्र में सड़क के बीच भिड़े आवारा पशु, यातायात ठप शहर में बढ़ती आवारा पशुओं की संख्या अब आम लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। ढकोली क्षेत्र में के-एरिया लाइट प्वाइंट से ढकोली की ओर जाने वाली सड़क पर बोली साहिब गुरुद्वारे से ठीक पहले दो आवारा पशु आपस में भिड़ गए। यह भिड़ंत करीब 5 से 7 मिनट तक चलती रही, जिसके चलते सड़क के दोनों ओर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पानी डालकर पशुओं की लड़ाई को शांत कराया, तब जाकर ट्रैफिक सुचारू हो सका। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हादसों पर लगाम लग