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"वेतन बकाया पर गेस्ट प्रोफेसरों का विरोध"
डेराबस्सी: पंजाब के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत गेस्ट प्रोफेसरों को पिछले लगभग तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसरों ने आरोप लगाया कि सरकार पहले ही उन्हें बेसिक वेतन जैसी सुविधाओं से वंचित रखकर शोषण कर रही है और अब समय पर मानदेय भी जारी नहीं किया जा रहा। इलिजिबल सहायक प्रोफेसर गेस्ट फैकल्टी एसोसिएशन सरकारी कॉलेज पंजाब के प्रतिनिधि एवं सरकारी कॉलेज डेराबस्सी के राजनीति विज्ञान विभाग के गेस्ट फैकल्टी प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि पंजाब के सरकारी कॉलेजों में करीब 800 गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन प्रोफेसरों से नियमित अध्यापकों की तरह सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य तो ले रही है, लेकिन बदले में बेहद कम मानदेय दिया जाता है। दुखद पहलू यह है कि यह मामूली वेतन भी समय पर जारी नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी लगभग 180 सहायक प्रोफेसरों को करीब एक वर्ष के लंबे इंतजार के बाद वेतन मिला था। प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि पंजाब सरकार हर महीने कर्मचारियों का वेतन 5 तारीख से पहले जारी करने का दावा करती है, लेकिन गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसरों के मामले में यह दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के वादे और “शिक्षा क्रांति” के दावे भी गेस्ट फैकल्टी के साथ हो रहे व्यवहार के कारण सवालों के घेरे में हैं। गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसरों ने सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की कि लंबित वेतन तुरंत जारी किया जाए और भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। प्रोफेसरों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो राज्यभर के गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसर संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। फोटो कैप्शन: डेराबस्सी001 : तीन महीने से वेतन न मिलने पर रोष प्रदर्शन करते गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसर।