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मानवता की सेवा सबसे बड़ा पुण्य : डॉ. मंदीप कमल
होशियारपुर (दलजीत अज्नोहा) : स्वास्थ्य विभाग पंजाब के निर्देशों और सिविल सर्जन डॉ. मंदीप कमल के नेतृत्व में सिविल अस्पताल होशियारपुर में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर पंजाब राज्य व चंडीगढ़ (यू.टी.) मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधियों वरिंदर पाल सिंह मान, जे.पी. चीमा, विनोद ओहरी, राजीव बजाज, बलजिंदर सिंह, मनी गोगिया और पुरुषोत्तम दड़ोच ने भाग लिया और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को जरूरी दवाइयों की किटें भेंट की। इस दौरान वरिंदर पाल सिंह मान द्वारा सिविल अस्पताल होशियारपुर का दौरा भी किया गया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई प्रबंधों और इलाज सुविधाओं का जायजा लिया तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रबंधों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए अच्छा काम कर रहा है। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. मंदीप कमल ने अपने संबोधन में कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को निरंतर इलाज और सामाजिक सहयोग की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और हर व्यक्ति को ऐसे बच्चों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने युवाओं को विवाह से पहले थैलेसीमिया टेस्ट करवाने और नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए भी प्रेरित किया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जिले में थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए लगातार मुहिम चला रहा है। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और सही इलाज से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। डॉ. सीमा ने बताया कि थैलेसीमिया के इलाज में सबसे महंगी दवाइयां आमतौर पर आयरन चेलेशन थेरेपी वाली होती हैं। ये दवाइयां इसलिए दी जाती हैं क्योंकि बार-बार खून चढ़ाने से शरीर में आयरन बढ़ जाता है, जो दिल, लीवर और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने इस उपक्रम के लिए मानवाधिकार आयोग का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग से जरूरतमंद बच्चों को बड़ी मदद मिलती है और समाज में मानवता की भावना मजबूत होती है। मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधियों ने कहा कि जरूरतमंद और बीमार बच्चों की सहायता करना हर इंसान की नैतिक जिम्मेदारी है और ऐसे सामाजिक कार्यों में हर संस्था को अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां काफी महंगी होती हैं और हर जगह उपलब्ध नहीं होतीं। इसलिए संस्था की ओर से जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए समय-समय पर दवाइयां और अन्य स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। इस मौके पर डॉ. स्वाति शीमार (डीएमसी), डॉ. नवजोत सिंह (एसएमओ), डॉ. नेहा पाल (एसएमओ), तरसेम लाल मास मीडिया अधिकारी, रविंदर जस्सल डिप्टी मास मीडिया अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, माता-पिता और बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।