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PDFA ने सरकार से तुरंत मामला सुलझाने को कहा
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (PDFA) ने 'वेरका' (Verka) के कच्चे और ठेका कर्मचारियों की चल रही हड़ताल को लेकर पंजाब सरकार को आगाह किया है। PDFA के अध्यक्ष दलजीत सिंह सद्रपुरा के बयान पर प्रेस नोट जारी करते हुए प्रेस सचिव रेशम सिंह भुल्लर ने कहा कि इस हड़ताल का सीधा और गंभीर असर पंजाब के डेयरी उद्योग और किसानों पर पड़ रहा है। ​PDFA ने जहां एक ओर कर्मचारियों की मांगों को जायज़ बताते हुए उनका समर्थन किया है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों से भी भावुक अपील की है। ​"कर्मचारी अपनी मांगों के लिए संघर्ष जरूर करें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि उनके इस कदम से डेयरी व्यवसाय को कोई बड़ा नुकसान न हो।"- प्रेस सचिव भुल्लर ​वेरका: मुनाफा नहीं, किसानों और उपभोक्ताओं का रक्षक ​PDFA ने वेरका संस्थान की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह कोई व्यावसायिक या मुनाफा कमाने वाला संस्थान नहीं है, बल्कि यह शुरू से ही दूध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करता आया है। यह संस्थान सहकारी सभाओं और डेयरी फार्मों से दूध लेकर, उसे प्रोसेस कर आम जनता तक उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद पहुंचाता है। ऐसे में इस संस्थान की अनदेखी करना सीधे तौर पर किसानों और आम जनता के पेट पर लात मारने जैसा है। ​सरकार तुरंत करे हस्तक्षेप ​एसोसिएशन ने सरकार से पुरज़ोर मांग की है कि वह बिना किसी देरी के ठेका कर्मचारियों की जायज़ मांगों पर गौर करे और इस गतिरोध को समाप्त करवाए, ताकि डेयरी उद्योग पर मंडरा रहा यह काला संकट टल सके। ​बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद: ​इस गंभीर मुद्दे पर हुई बैठक में डेयरी क्षेत्र के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से: ​अवतार सिंह थाबला, सुखपाल सिंह वरपाल, बलविंदर सिंह चौतरा, सुखराज सिंह गुड़े, मनजीत सिंह मोही। ​गुरबख्श सिंह बाजेके, कुलदीप सिंह पटियाला, निर्मल सिंह फूल, सिकंदर सिंह पटियाला, अमरिंदर सिंह बल्ल। ​सुखदीप सिंह फाजिल्का, दर्शन सिंह सोंडा, गुरप्रीत सिंह तरनतारन, जरनैला सिंह छीनीवाल, बलविंदर सिंह राणवा। ​गीतइंदर सिंह भुल्लर, सतिंदर सिंह रोपड़, बलिहार सिंह ढंडा, गुरसरन सिंह, हरदीप सिंह होशियारपुर। ​करमजीत सिंह मलेरकोटला, अमनदीप सिंह, जसविंदर सिंह नवांशहर, बलवीर सिंह नवांशहर, राजपाल सिंह कुलार। ​रंजीत सिंह लंघेआना, रेशम सिंह जीरा, कुलदीप सिंह मानसा, परमिंदर सिंह घुडाणी, सुखदेव सिंह बरौली, बलजिंदर सिंह सठियाला, सुखजिंदर सिंह घुम्मन, गुरमीत सिंह रोडे और कुलदीप सिंह शेरों आदि उपस्थित थे।