링크모음스포츠중계주소야주소킹링크모음주소야주소모음주소콘여기여bulk Ahrefs DR checker주소킹여기여주소모음아이러브밤여기여주소모음링크모음casibombetciocasibomcasibomcasibom girişcasibomcasibom telegramgrandpashabet 8255holiganbet 7672holiganbet 7672grandpashabet 8255grandpashabet 8254holiganbet 7673jojobet 8232holiganbet 7673jojobet 8233jojobet 8233casibomHacklink Satın AlHacklink Satin alcasibomcasibom링크모음주소모음링크모음hacklink : linkforge.ccBacklink : https://linkforge.cc/Backlink : https://linkforge.cc/Buy Backlink : https://linkforge.cc/주소가자주소온길토토사이트주소온길주소온길주소온길주소온길주소모음주소모음링크모음주소모음주소온길토토사이트먹튀검증슬롯사이트토토사이트주소모음링크모음주소모음주소모음주소모음링크모음토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트먹튀검증커뮤니티주소온길주소온길주소모음주소모음링크모음주소모음링크모음주소모음링크모음주소모음링크모음주소모음링크모음링크모음주소모음링크모음토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트토토사이트주소모음주소가자토토사이트토토솔루션카지노솔루션토토솔루션카지노솔루션토토솔루션먹튀검증먹튀검증 커뮤니티먹튀검증먹튀검증 커뮤니티주소온길링크모음주소모음링크모음주소온길주소모음주소타임주소모음 링크모음주소모음주소모음링크모음주소모음주소모음주소모음주소모음링크모음링크모음주소모음주소모음링크모음토토솔루션주소모음링크모음링크모음토토솔루션카지노솔루션주소모음링크모음주소모음주소모음링크모음주소모음링크모음토토사이트토토사이트주소모음링크모음토토사이트토토사이트링크모음링크모음링크모음링크모음주소모음사이트모음카지노솔루션주소모음주소모음링크모음주소가자주소모음링크모음주소모음주소모음링크모음주소모음주소모음링크모음주소가자링크모음주소모음주소모음주소모음주소모음주소모음링크모음주소모음주소모음주소모음
पंजाब ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के सभी प्रमुख संकेतकों में राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा, मातृ मृत्यु दर 77 और शिशु मृत्यु दर 16 दर्ज की गई : डॉ. बलबीर सिंह - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
New Delhi: दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामले में सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, पूर्व CEO समेत 6 पर ACB की कार्रवाई; मनी ट्रेल की जांच तेज Panipat: चंडीगढ़ में संसदीय राजभाषा उप-समिति का दो दिवसीय निरीक्षण, 12 शहरों के 84 कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा Amritsar: फिरोजपुर मंडल के 38 सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को मिले ₹20.47 करोड़ से अधिक, डीआरएम संजीव कुमार ने सौंपे भुगतान Kurukshetra: लिव-इन और प्रेम विवाह समेत सामाजिक मुद्दों पर खाप प्रतिनिधियों ने सीएम सैनी से की मुलाकात, 22 अगस्त को कुरुक्षेत्र में फिर होगा मंथन Ludhiana: विश्व फोटोग्राफी दिवस पर लुधियाना में दिखेगा बदलते शहर का आईना, 10वीं वार्षिक फोटो प्रदर्शनी ‘वन थाउज़ेंड वर्ड्स’ आज से Ludhiana: ग्लैम अप सैलून ने होटल पैराडाइज़ ड्रीम में मनाया तीज का पर्व, पंजाबी रंग में रंगा समारोह Amritsar: अमृतसर में वर्ल्ड सिख मिलिट्री शहीद यादगारी कमेटी इटली के सदस्य मनजिंदर सिंह का सम्मान Chandigarh: पंजाब में ट्रांसफर-पोस्टिंग नेटवर्क की ED जांच का दायरा बढ़ा, चैट्स में टेंडर, हथियार लाइसेंस और जमीन सौदों के भी दावे Chandigarh: 14 देशों के विद्यार्थियों से सीएम सैनी ने किया संवाद, बोले- ‘गो ग्लोबल’ सोच के साथ आगे बढ़ें युवा Chandigarh: हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की छुट्टी पर सख्ती, कैजुअल लीव के लिए भी पूर्व मंजूरी अनिवार्य Ludhiana: DMC&H कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में नए सत्र से 50 विद्यार्थियों को मिलेगा दाखिला, आधुनिक सुविधाओं से होगी पढ़ाई Ludhiana: CICU के ‘सेल्स ऑन स्टेरॉयड लाइव!’ में 200 से अधिक उद्यमियों ने सीखी बिक्री बढ़ाने की रणनीतियां
Logo
Uturn Time
भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा जारी किए गए नए सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) के आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के सभी प्रमुख संकेतकों में राष्ट्रीय मानकों को पीछे छोड़ते हुए देशभर की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अग्रणी राज्य के रूप में पहचान बनाई है। पंजाब की इस उपलब्धि को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब ने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर), शिशु मृत्यु दर (आईएमआर), नवजात शिशु मृत्यु दर (एनएमआर) तथा पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। यह पंजाब सरकार द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने तथा पूरे राज्य में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है। डॉ. बलबीर सिंह ने विवरण साझा करते हुए कहा कि पंजाब की मातृ मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर घटकर 77 हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत 87 से काफी बेहतर है। उन्होंने बताया कि पंजाब में शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) केवल 16 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 24 है। नवजात शिशु मृत्यु दर (एनएमआर) राज्य में 11 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 18 है। इसी प्रकार पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर राष्ट्रीय स्तर पर 28 तथा पंजाब में 19 दर्ज की गई है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “पंजाब ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है और ये उपलब्धियां हमारे स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण तथा पंजाब सरकार की प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।” उन्होंने कहा, “पंजाब ने नवजात शिशु मृत्यु दर संबंधी एसडीजी-2030 लक्ष्य पहले ही प्राप्त कर लिया है। इस लक्ष्य के तहत 12 से कम दर हासिल करनी थी और पंजाब ने यह लक्ष्य निर्धारित समय सीमा से काफी पहले हासिल कर लिया है।” स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण केंद्र सरकार की नई प्रदर्शन आधारित स्वास्थ्य क्षेत्र योजना के तहत पंजाब को लगभग 400 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “भगवंत मान सरकार ने संस्थागत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करके तथा पूरे राज्य में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु देखभाल सुविधाएं सुनिश्चित कर प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।” फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का धन्यवाद करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि जमीनी स्तर पर उनके अथक प्रयासों ने पूरे पंजाब में सुरक्षित गर्भावस्था तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “ये विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर माताओं और नवजात शिशुओं के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही हैं।” स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार प्राकृतिक प्रसव को बढ़ावा देने तथा अनावश्यक सीजेरियन ऑपरेशनों को कम करने के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवा कैडर तैयार कर व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पटियाला स्थित प्रतिष्ठित नेशनल मिडवाइफरी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएमटीआई) से नर्स प्रैक्टिशनर्स इन मिडवाइफरी (एनपीएम) के तीन बैच सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “भगवंत मान सरकार प्रशिक्षित मिडवाइफ्स के माध्यम से टाले जा सकने वाले सीजेरियन ऑपरेशनों में कमी लाने और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।” स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क को बड़ा बल मिला है। इन क्लीनिकों में अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रसव संबंधी खर्चों को समाप्त करने के लिए विशेष अल्ट्रासाउंड स्कैन सहित सभी आवश्यक जांच और दवाइयां पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य ने 99.86 प्रतिशत संस्थागत प्रसव दर हासिल की है। यह उपलब्धि अनीमिया मुक्त भारत (एएमबी), सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन), लेबर रूम क्वालिटी इम्प्रूवमेंट इनिशिएटिव (लाक्ष्य), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई), जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके), जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) जैसी प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन करती हैं तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी करती हैं, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके।