Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
दुर्ग (छत्तीसगढ़) 14 Jan : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध गुटखा कारोबार के खिलाफ स्टेट जीएसटी (GST) विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘गुटखा किंग’ के नाम से कुख्यात गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई गनियारी गांव में संचालित अवैध गुटखा फैक्ट्री पर जुलाई और सितंबर 2025 में पड़े छापों के बाद की गई विस्तृत जांच का नतीजा है, जिसमें टैक्स चोरी और प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों के संगठित अवैध कारोबार के पुख्ता सबूत मिले हैं। स्टेट जीएसटी विभाग की टीम ने ‘कोमल फूड प्रोडक्ट्स’ के नाम से चल रही इस फैक्ट्री पर छापेमारी के दौरान लाखों रुपये का गुटखा निर्माण का कच्चा माल, आधुनिक मशीनें और पैकिंग से जुड़ा सामान जब्त किया था। छापे के वक्त फैक्ट्री मालिक गुरमुख जुमनानी फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पांच साल से फल-फूल रहा था अवैध नेटवर्क जांच में खुलासा हुआ है कि गुरमुख जुमनानी पिछले पांच वर्षों से ‘मीठी सुपारी’ की आड़ में प्रतिबंधित तंबाकू युक्त ‘सितार गुटखा’ का अवैध निर्माण और बिक्री कर रहा था। राज्य में गुटखा पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद उसने नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये का काला कारोबार खड़ा कर लिया। पेशेवर तरीके से चलाया जा रहा था कारोबार स्टेट जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक तंबाकू मिश्रण का फॉर्मूला तैयार करने के लिए विशेष रूप से मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से कुशल कर्मचारियों को बुलाया गया था। इससे साफ है कि यह नेटवर्क पूरी तरह सुनियोजित और पेशेवर ढंग से संचालित किया जा रहा था। उत्पादन और पैकिंग अलग-अलग जगह जांच में यह भी सामने आया कि विभाग की नजरों से बचने के लिए गुटखा निर्माण की प्रक्रिया को अलग-अलग स्थानों पर बांटा गया था। जुमनानी के बेटे सागर की जोरातरई-गनियारी स्थित कोमल फूड फैक्ट्री में गुटखा की पैकिंग होती थी, जबकि कच्चा माल राजनांदगांव में तैयार किया जाता था। टैक्स चोरी के पुख्ता सबूत दस्तावेजों, जब्त सामग्री और लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर स्टेट जीएसटी विभाग ने निष्कर्ष निकाला कि जुमनानी ने बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की है। इसी के चलते उस पर 317 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग अब पिछले पांच वर्षों के बकाया टैक्स की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। आगे भी जारी रहेगी सख्ती स्टेट जीएसटी विभाग ने इस कार्रवाई को नजीर बताते हुए स्पष्ट किया है कि अवैध गुटखा कारोबार और टैक्स चोरी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे गैरकानूनी नेटवर्क के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।