Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
डेराबस्सी 14 Jan : लोंगोवाल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में 13 जनवरी 2026 को लोहड़ी और मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सुखमनी साहिब पाठ का विधिपूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शांत, भक्तिमय और अनुशासित वातावरण में हुई, जिसमें सभी की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना के साथ अरदास की गई। इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती कांता कात्याल और उपाध्यक्ष डॉ. कपिल कात्याल की गरिमामयी उपस्थिति रही। एलपीपीसी की प्रधानाचार्य डॉ. रोजी कात्याल, एलएसी के प्रवेश निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. विनोद कात्याल तथा मानव संसाधन प्रमुख सुश्री साक्षी कात्याल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और गुरु ग्रंथ साहिब जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुखमनी साहिब पाठ के उपरांत ‘गुरु का लंगर’ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने सेवा भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया। शाम के समय पारंपरिक लोहड़ी की आहुति दी गई, जिससे पूरे परिसर में उत्सव, उल्लास और आपसी सौहार्द का माहौल बन गया। छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। सभा को संबोधित करते हुए गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों, सांस्कृतिक परंपराओं और नैतिक जीवन से ही जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को अपनाने और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की भावना को और सुदृढ़ किया।