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चंडीगढ़ 14 Jan : कनाडा की रॉयल माउंटेड पुलिस की एक गोपनीय सुरक्षा आकलन रिपोर्ट ने भारत से जुड़े एक संगठित अपराध नेटवर्क को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क अब बहुराष्ट्रीय आपराधिक ढांचे का रूप ले चुका है, जो कनाडा सहित कई देशों में सक्रिय रूप से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक यह नेटवर्क जबरन वसूली, ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई, मनी लॉन्ड्रिंग और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा हुआ है। कनाडाई एजेंसियों ने इस गिरोह को एक लाभ-केन्द्रित आपराधिक संगठन करार दिया है, जिसका किसी विचारधारा या धार्मिक एजेंडे से सीधा संबंध नहीं बताया गया है। कनाडाई जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क का संचालन भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई द्वारा किया जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह अपने सहयोगियों और डिजिटल माध्यमों के जरिए विदेशों में भी आपराधिक गतिविधियों को निर्देशित करता रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां पैदा हुई हैं। रिपोर्ट में जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख किया गया है। इस घटना के बाद कनाडा और भारत के संबंधों में तनाव देखने को मिला था। जांच के सिलसिले में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और पूछताछ अब भी जारी बताई जा रही है। इसके अलावा सितंबर 2023 में मैनिटोबा के विन्निपेग में सुखदूल सिंह की हत्या को भी इसी आपराधिक नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार ये घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि संगठित अपराध अब सीमाओं की परवाह किए बिना काम कर रहा है। रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय खुफिया तंत्र संगठित अपराध गिरोहों का इस्तेमाल रणनीतिक दबाव और लक्षित हमलों के लिए कर सकते हैं। यदि ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। कूटनीतिक संतुलन की चुनौती इस खुलासे के बीच कनाडा सरकार भारत के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को सामान्य करने की कोशिशों में जुटी हुई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनियों के चलते यह प्रक्रिया और संवेदनशील हो गई है। एक तरफ सुरक्षा जोखिमों पर चिंता जताई जा रही है, तो दूसरी ओर राजनीतिक नेतृत्व रिश्तों में संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। कनाडा में सक्रिय सिख संगठनों ने भी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट और पारदर्शी रुख अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि संगठित अपराध और राजनीति का आपसी मेल आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यह मामला अब केवल आपराधिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा, प्रत्यर्पण समझौतों और देशों के बीच खुफिया सहयोग की अहमियत को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो इसका असर द्विपक्षीय संबंधों से आगे बढ़कर वैश्विक कानून व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।