Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
किसानों की खाद पर डाका, कालाबाजारी का पर्दाफाश
सिरसा: Sirsa के गांव भंबूर में कृषि ग्रेड यूरिया खाद की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां किसानों को मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया को अवैध तरीके से टेक्निकल ग्रेड बताकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था। जानकारी के अनुसार, 45 किलो के गट्टों में मिलने वाली कृषि ग्रेड यूरिया को बदलकर 50 किलो के सफेद गट्टों में भरा जा रहा था और उस पर टेक्निकल ग्रेड का मार्का लगाकर ट्रक में लोड किया जा रहा था। इस खेप को राजस्थान के कोटा भेजने की तैयारी थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब किसानों ने इसकी सूचना कृषि विभाग और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची टीम ने अवैध रूप से भरी गई यूरिया खाद को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। किसान नेताओं का आरोप है कि यह खेल कई दिनों से चल रहा था, जिसमें सब्सिडी वाली खाद को ब्लैक में बेचने के साथ-साथ जीएसटी में भी गड़बड़ी की जा रही थी। जहां कृषि ग्रेड यूरिया पर 5% जीएसटी लगता है, वहीं टेक्निकल ग्रेड पर 18% जीएसटी लागू होता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को समय पर उचित दर पर खाद उपलब्ध हो सके।