Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
दिल्ली में J&K प्रवासियों के लिए नई सुविधा
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विस्थापित होकर राजधानी में रह रहे प्रवासी परिवारों के लिए ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस फैसले से दिल्ली सरकार में पंजीकृत करीब 1,832 प्रवासी परिवारों को लाभ मिलेगा। यह योजना उन परिवारों पर लागू होगी, जिन्होंने 31 मार्च 2024 तक एड-हॉक मंथली रिलीफ (एएमआर) प्राप्त की है। सरकार ने राहत के लिए आय संबंधी पात्रता की शर्त समाप्त कर दी है। अब परिवार की आय या संपत्ति के आधार पर पात्रता प्रभावित नहीं होगी। एक परिवार में अधिकतम चार सदस्यों को राहत का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य लाभार्थियों के रिकॉर्ड को सही और अपडेट करना है। इसके तहत परिवारों को अपने सदस्यों और आधार विवरण को अपडेट करने का एक और मौका मिलेगा। यदि किसी को तकनीकी कारणों से पहले अधिक राशि मिल गई थी, तो उसे वापस नहीं लिया जाएगा। सरकार ने योजना की कट-ऑफ तिथि को बढ़ाकर 1 अप्रैल 2026 कर दिया है, जबकि बकाया राहत राशि के भुगतान की समयसीमा भी 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। राहत राशि आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए दी जाएगी, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित होगा। दिल्ली सरकार ने इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 30 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।