Uturn Time
Breaking
Mohali: Sohana में 18 दिन का गुरमत-गतका कैंप, सिख विरासत से जुड़ रहे युवा Gurugram: अवैध लिंग जांच पर सख्ती, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यूपी में गिरोह दबोचा Kaithal: ‘प्यारी बेटी’ मुहिम से बेटियों को मिलेगी नई पहचान और प्रेरणा: सीईओ सुरेश राविश New Delhi: जीडीपी आंकड़ों में सुधार, भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% की दर से बढ़ने की उम्मीद Hushiarpur: होशियारपुर फोटोग्राफर एसोसिएशन की अहम बैठक हुई Mumbai: शेख फाउंडेशन की ओर से ईद-उल-अजहा डिनर दावत का भव्य आयोजन, मुंबई की नामचीन हस्तियों ने की शिरकत Hushiarpur: देश में ED और CBI जैसी एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है: प्रणव कृपाल Hushiarpur: ज़िला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र हुशियारपुर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Hoshiarpur: बीबीएमबी तलवाड़ा में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया Kalayat: कलायत के मनखुश ने JEE Advanced में गाड़े सफलता के झंडे, हासिल किया ऑल इंडिया 1000वां रैंक नौकरी के लिए धरना दे रहे लोगों पर लाठीचार्ज, 10 हिरासत में लिए Kurukshetra: भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण व सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है योग: नायब सिंह सैनी
Logo
Uturn Time
सैनी सरकार का बड़ा फैसला, हजारों करोड़ के नुकसान पर लगेगी रोक
किसानों को बड़ी राहत, Haryana में 20 लाख मीट्रिक टन के नए वेयरहाउस बनाए जाएंगे
चंडीगढ़: हरियाणा में अनाज के नुकसान को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाने के निर्देश दिए हैं। यह योजना हरियाणा विजन-2047 के तहत लागू की जाएगी, जिसका उद्देश्य भंडारण व्यवस्था को मजबूत करना और किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखना है। समीक्षा बैठक में सामने आया कि खुले में भंडारण के कारण हर साल 4 से 5 प्रतिशत तक अनाज खराब हो जाता है। वर्तमान में राज्य की भंडारण क्षमता 66 लाख मीट्रिक टन है, जिसे बढ़ाकर 130 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गोदामों का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर किया जाए और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को भी बढ़ाया जाए। इसके साथ ही सभी गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना भी बनाई गई है, जिससे ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार मंडियों में आधुनिक तकनीक जैसे कन्वेयर बेल्ट लागू करने पर भी काम करेगी, जिससे श्रमिकों का काम आसान होगा। इस योजना से अगले पांच वर्षों में 3000 से 5000 करोड़ रुपये तक के नुकसान को रोका जा सकेगा।