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आकांक्षा केस ने उठाए गंभीर सवाल, राहुल गांधी बोले— प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव बन रहा जानलेवा
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश की नीट अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या को “भ्रष्ट और विफल व्यवस्था” का परिणाम बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पिछले कुछ वर्षों में गंभीर नुकसान पहुंचा है और इसका खामियाजा युवा वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन सिस्टम की खामियों ने उसका सपना तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों के बीच छात्रों का भविष्य असुरक्षित हो गया है, जबकि सरकार की ओर से केवल जांच समितियां बनाई जा रही हैं। 📌 मामला क्या है मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली 18 वर्षीय आकांक्षा चतुर्वेदी नागपुर में नीट की तैयारी कर रही थी। 20 मई को उसने आत्महत्या कर ली थी। बाद में परिवार को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने मानसिक तनाव और भविष्य को लेकर निराशा का जिक्र किया था। 🧾 सुसाइड नोट में क्या लिखा था पत्र में आकांक्षा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा था कि वह डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं कर पा रही है और दोबारा नीट देने का साहस उसमें नहीं बचा है। उसने यह भी कहा था कि वह परिवार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी।