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अमृतसर, 19 जनवरी 2026 स्वच्छ भारत मिशन–शहरी (SBM-U) और ठोस कचरा प्रबंधन नियमों (SWM) के तहत अमृतसर शहर को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में तेज़ी से काम किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम अमृतसर के एडिशनल कमिश्नर सुरिंदर सिंह ने शहर के विभिन्न मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) केंद्रों, कंपोस्ट पिट्स तथा भगतांवाला स्थित पुराने डंप साइट पर चल रहे बायो-रिमेडिएशन कार्य का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण नगर निगम आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल के निर्देशों पर किया गया, ताकि स्वच्छ भारत मिशन और एसडब्ल्यूएम नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान घर-घर कचरा संग्रहण, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। भगतांवाला डंप साइट पर चल रहे कार्यों का जायजा लेते हुए अतिरिक्त आयुक्त ने संबंधित एजेंसी को बायो-रिमेडिएशन की गति और तेज़ करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित समय सीमा में पुराने कचरे का पूरी तरह निपटान हो सके। अधिकारियों को संबोधित करते हुए सुरिंदर सिंह ने कहा, “वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और समयबद्ध बायो-रिमेडिएशन जन-स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। सभी टीमों को एसबीएम और एसडब्ल्यूएम नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।” उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “स्वच्छ अमृतसर के निर्माण में जनता की भागीदारी सबसे अहम है। लोग अपने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें, खुले में कचरा न फेंकें और नगर निगम के स्वच्छता अभियानों में सहयोग दें। जनसहयोग से ही शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ बनाया जा सकता है।” नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2025 से 17 जनवरी 2026 तक 1,91,719 मीट्रिक टन पुराने कचरे का बायो-रिमेडिएशन किया जा चुका है, जिसमें प्रतिदिन औसतन 3,022 मीट्रिक टन कचरा प्रोसेस किया गया। जबकि 18 जनवरी 2026 को अकेले 3,428 मीट्रिक टन कचरा प्रोसेस कर कुल आंकड़ा 1,95,147 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। बायो-रिमेडिएशन प्रक्रिया के तहत पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से उपचारित कर रीसाइक्लेबल, उपयोगी और निष्क्रिय सामग्री में बदला जा रहा है, जिससे प्रदूषण में कमी, भू-जल की सुरक्षा और भूमि के पुनः उपयोग का रास्ता खुल रहा है। इस अवसर पर एमओएच डॉ. किरण सहित नगर निगम अमृतसर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर निगम अमृतसर ने नागरिकों के सहयोग से वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को और मजबूत करने, शहर की स्वच्छता सुधारने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर प्रदर्शन करने के अपने संकल्प को दोहराया।