मेजर अली
ज़ीरकपुर 22 Jan : बलटाना क्षेत्र स्थित सैनी विहार फेस-3 में वर्ष 2008 में बड़े उत्साह के साथ शुरू की गई सरकारी लाइब्रेरी आज बदहाली की मिसाल बन चुकी है। अकाली दल के तत्कालीन विधायक एन.के. शर्मा और उस समय के पार्षद हवा सिंह अत्री द्वारा इस लाइब्रेरी का उद्घाटन कर नींव पत्थर रखा गया था। इसे क्षेत्र के बच्चों और युवाओं की पढ़ाई के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात बताया गया था, लेकिन समय के साथ यह लाइब्रेरी अपने मूल उद्देश्य से पूरी तरह भटक गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार उद्घाटन के बाद लाइब्रेरी में रखे गए टेबल, कुर्सियां, बेंच और अन्य सामान धीरे-धीरे गायब हो गए। आरोप है कि शुरुआती दौर में ही लाइब्रेरी का फर्नीचर उठा लिया गया, जिसके चलते यहां कभी नियमित रूप से पढ़ाई की व्यवस्था ही नहीं बन पाई। हालात यह हैं कि आज यह भवन जुआरियों, शराबियों और नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि आसपास रहने वाले कई लोगों को यह तक जानकारी नहीं कि सैनी विहार फेस-3 में कभी कोई लाइब्रेरी भी थी। बीते लगभग 18 वर्षों में न तो किसी सरकार ने और न ही नगर परिषद के अधिकारियों ने इस सरकारी संपत्ति की सुध ली। देखरेख के अभाव में लाइब्रेरी की हालत उजड़े हुए कबाड़खाने जैसी हो चुकी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस लाइब्रेरी को संजोया गया होता, तो आज सैकड़ों बच्चों और युवाओं को इसका लाभ मिल सकता था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि लाइब्रेरी का पुनर्निर्माण कर इसे दोबारा शुरू किया जाए, ताकि पढ़ाई के लिए एक सुरक्षित और उपयोगी स्थान मिल सके।
कोट्स
“मुझे जब यह लाइब्रेरी सौंपी गई थी, तब वहां न टेबल थी और न ही कुर्सी। आज हालात यह हैं कि यह जगह नशेड़ियों का अड्डा बन चुकी है।”
— परवीन शर्मा, पूर्व पार्षद, अकाली दल
बॉक्स
“लाइब्रेरी की बेंच और कुर्सियां टूट चुकी थीं। यह कहना कि वे मेरे पास हैं, पूरी तरह गलत है। कांग्रेस सरकार के दौरान इस लाइब्रेरी की हालत ज्यादा खराब हुई। उस समय कुछ लोगों ने काफी बदमाशी की।”
— हवा सिंह अत्री, पूर्व पार्षद, अकाली दल
बॉक्स
“मुझे आज तक यह जानकारी ही नहीं थी कि बलटाना में कोई लाइब्रेरी है। 2008 से 2020 तक नगर परिषद एन.के. शर्मा के अधीन थी। अगर पहले पता होता तो हालिया बैठक में इस लाइब्रेरी के सुधार का प्रस्ताव भी पास करवाता।”
— उदयवीर ढिल्लो, अध्यक्ष, नगर परिषद, ज़ीरकपुर
कोट्स
“आप लाइब्रेरी से संबंधित पूरी जानकारी भेज दीजिए। मैं इसे दोबारा शुरू करवाने के लिए कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दूंगी।”
— कोमल मित्तल, डीसी मोहाली