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अनंतनाग, 26 जनवरी — कश्मीर की कृषि आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। पहली बार IFFCO नेचुरल-के उर्वरक की पूरी रेक रेल मार्ग से कश्मीर घाटी पहुँची है। यह पहला अवसर है जब उर्वरक ट्रेन के माध्यम से घाटी तक पहुँचा है, जिससे खासकर सर्दियों के दौरान किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब तक कश्मीर में उर्वरकों की आपूर्ति मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर थी। भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण कई बार रास्ते बंद हो जाते थे, जिससे समय पर खाद नहीं पहुँच पाती थी और किसानों को भारी परेशानी होती थी। रेल मार्ग से आपूर्ति शुरू होने से अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी और उर्वरकों की उपलब्धता तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगी। अधिकारियों का कहना है कि रेल कनेक्टिविटी से कृषि इनपुट्स की समय पर सप्लाई सुनिश्चित होगी। इससे किसान अपनी फसल की योजना बेहतर ढंग से बना सकेंगे और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी। IFFCO के फील्ड ऑफिसर मोहम्मद आसिफ लोन और मलिक मेहराज ने बताया कि यह पहल घाटी में उर्वरक वितरण प्रणाली को मजबूत करेगी और पूरे साल निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। अधिकारियों ने इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय, रेल मंत्रालय और IFFCO प्रबंधन का आभार जताया। साथ ही IFFCO के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, मार्केटिंग डायरेक्टर और पूरी टीम की सराहना की गई, जिनके प्रयासों से यह ऐतिहासिक पहल संभव हो सकी। रेल के जरिए पहली बार उर्वरक की रेक का पहुँचना कश्मीर की कृषि संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह किसान कल्याण, सतत कृषि और क्षेत्रीय विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है और घाटी के किसानों के लिए नई उम्मीद और स्थिरता लेकर आया है।