वेरका मिल्क प्लांट के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अधिकारियों से संवाद कर डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली को समझा और आधुनिक मशीनों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक दौरे बच्चों की वैज्ञानिक सोच, व्यावहारिक समझ और सर्वांगीण विकास को नई दिशा देते हैं तथा कक्षा में सीखी गई शिक्षा को वास्तविक जीवन से जोड़ते हैं।
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : किताबी ज्ञान को असल दुनिया के अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जी.एच.जी. अकादमी, जगरांव के विद्यार्थियों ने हाल ही में वेरका मिल्क प्लांट का एक शैक्षणिक दौरा (Educational Trip) किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य छात्रों को डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली से रूबरू कराना और उन्हें क्लासरूम में पढ़ाई जाने वाली थ्योरी का प्रैक्टिकल रूप दिखाना था।
अत्याधुनिक तकनीक और प्रोसेसिंग से हुए रूबरू
दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने दूध के संकलन (Collection) से लेकर उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, क्वालिटी टेस्टिंग और अंततः वितरण (Distribution) तक की पूरी प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा। प्लांट के विशेषज्ञों ने बच्चों को डेयरी उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनरी और हाई-टेक तकनीक की बारीकियों के बारे में विस्तार से समझाया।
क्वालिटी कंट्रोल और स्वच्छता: दूध की शुद्धता बनाए रखने के लिए किन कड़े मानकों का पालन किया जाता है।
पोषण और स्वास्थ्य: दूध की न्यूट्रिशनल वैल्यू और हमारे दैनिक जीवन में इसके महत्व की जानकारी।
आर्थिक योगदान: किसानों को सशक्त बनाने और देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में डेयरी इंडस्ट्री की भूमिका।
ज्ञानवर्धक और इंटरैक्टिव अनुभव
यह दौरा छात्रों के लिए बेहद रोमांचक और ज्ञानवर्धक रहा। विद्यार्थियों ने पूरी उत्सुकता के साथ प्लांट के कामकाज को देखा, प्लांट अधिकारियों से प्रासंगिक सवाल पूछे और डेयरी के व्यवस्थित संचालन की सराहना की। इस व्यावहारिक सीख (Practical Learning) से छात्रों को विज्ञान और तकनीक के असल जीवन में इस्तेमाल को समझने का बेहतरीन अवसर मिला।
स्कूल प्रबंधन का आभार संदेश:
स्कूल के अध्यक्ष गुरमेल सिंह मल्ही और प्रिंसिपल रमनजोत कौर ग्रेवाल ने वेरका मिल्क प्लांट के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों के स्वागत और उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे शैक्षणिक दौरे बच्चों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) और उनकी वैज्ञानिक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।