नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की स्टैंड-अप इंडिया योजना का लाभ लगातार बढ़ रहा है। संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच पंजाब में 1,418 SC/ST उद्यमियों को इस योजना के तहत ऋण स्वीकृत किए गए।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2021-22 में 153, वर्ष 2022-23 में 321, वर्ष 2023-24 में 327 तथा वर्ष 2024-25 में 617 SC/ST लाभार्थियों को स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत ऋण दिए गए। योजना मार्च 2025 तक संचालित रही।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने संसद में पंजाब में SC/ST लाभार्थियों की संख्या, महिला उद्यमियों को दिए गए ऋण, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों और बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराने के लिए उठाए गए कदमों से संबंधित जानकारी मांगी थी।
सरकार ने बताया कि अप्रैल 2016 में शुरू की गई स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की प्रत्येक शाखा से कम से कम एक SC/ST और एक महिला उद्यमी को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का ऋण ग्रीनफील्ड उद्यम स्थापित करने के लिए उपलब्ध कराया जाता है। यह सुविधा विनिर्माण, सेवा, व्यापार और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए दी जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए पंजाब में 31 मार्च 2026 तक 3,498 ग्रामीण बैंक शाखाएं, 47 वित्तीय साक्षरता केंद्र (FLC) और 51 सेंटर फॉर फाइनेंशियल लिटरेसी (CFL) कार्यरत थे। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन संस्थानों के माध्यम से 37,528 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 6,35,922 लोगों ने भाग लिया।
सरकार ने यह भी बताया कि SC/ST स्टार्टअप्स को बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराने के लिए स्टार्टअप इंडिया, क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (CGSS) और CGTMSE जैसी योजनाएं लागू हैं। SC/ST उद्यमियों द्वारा संचालित सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 85 प्रतिशत तक गारंटी कवरेज तथा गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है। साथ ही राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के माध्यम से बैंकों को ऐसे उद्यमियों को अधिक से अधिक कोलेटरल-फ्री लोन देने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि स्टैंड-अप इंडिया योजना ने “फंडिंग से वंचित लोगों को वित्तीय सहायता” उपलब्ध कराने का काम किया है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2020 से अब तक देशभर में इस योजना के तहत 1.59 लाख से अधिक ऋण, जिनकी कुल राशि ₹40,927.53 करोड़ से अधिक है, SC/ST और महिला उद्यमियों को स्वीकृत किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में अब तक 5,710 से अधिक ऋण इस योजना के तहत स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 1,418 ऋण SC/ST उद्यमियों को मिले हैं। यानी राज्य में स्वीकृत कुल ऋणों का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा SC/ST वर्ग के उद्यमियों को मिला है। उनके अनुसार, इस योजना ने नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किए हैं।