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लुधियाना नगर निगम ने मास्टर प्लान तैयार कर हर सड़क का सरकारी नाम तय करने का फैसला लिया है। इससे टेंडर, विकास कार्य और सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी, फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा और किसी भी सड़क पर हुए कार्यों की सटीक निगरानी संभव हो सकेगी।
लुधियाना: लुधियाना नगर निगम की और से शहर में डेवलपमेंट को बढ़ावा देने, स्वच्छता बनाए रखने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। जिसके चलते अब शहर की हर सड़क का नाम रखा जाएगा। उस सड़क को सरकारी रिकॉर्ड में उसी नाम के साथ जाना जाएगा। जबकि उसी के आधार पर डेवलपमेंट भी होगी। इसके लिए नगर निगम कमिश्नर ओजस्वीं अलंकार द्वारा अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई है। जिसके चलते अब नगर निगम हाईटेक होने जा रहा है। इससे जहां सड़क के कई नामों पर पाबंदी लगेगी, वहीं डेवलपमेंट में भी रुकावट नहीं आएगी। कारपोरेशन द्वारा रखा गया नाम हर सरकारी विभाग में चलेगा। किसी अन्य विभाग को सड़क का नांमकरण करने की परमीशन नहीं होगी। इसी के साथ साथ जिस सड़क के नाम से टेंडर अलॉट होगा, वे पैसा वहीं पर लगेगा। इससे विभागों में नामों में हेरफेर करके होने वाली गड़बड़ियां भी बंद होंगी। पहले अलग अलग नाम से जानी जाती थी सड़कें निगम कमिश्नर ओजस्वीं अलंकार अनुसार पहले शहर की एक-एक सड़क के कई नाम रखे होते थे। जिस सरकारी विभाग द्वारा जिस सड़क पर डेवलपमेंट या अन्य कार्य किए जाते थे, वह अपनी तरफ से ही सड़क का नाम रख लेते थे। फिर रिकॉर्ड में भी वहीं नाम चढ़ा दिया जाता था। वहीं कई लोगों द्वारा सरकारी से रिक्वेट करके नाम बदलवाए जाते थे। जिस कारण एक सड़क के कई नाम पड़ गए। डेवलपमेंट हो रही थी प्रभावित दरअसल, नगर निगम में कई सड़कों के नाम और थे, लेकिन जमीनीं तौर पर नाम अलग थे। इससे उन सड़कों की डेवलपमेंट होने के बावजूद विभाग को पता नहीं चल पाता था। दूसरी तरफ कई सड़कें विकास से पिछड़ गई थी। जिससे जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। वहीं सरकारी खजाने पर भी बोझ पड़ रहा था। डेवलपमेंट होगी, मनमर्जी नहीं चलेगी अब हर निगम द्वारा सभी रोड के नाम नए सिरे से रखने का फैसला किया गया है। जिससे हर सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य या होने वाली डेवलपमेंट का पूरा रिकॉर्ड निगम के पास होगा। वहीं इससे पता रहेगा कि इस नाम की सड़क पर ये काम होने वाला है या ये काम हो चुका है। इससे लोगों के मनमर्जी से रखे नाम भी हटाए जाएंगे। इसी के साथ बाकी विभागों द्वारा मनमर्जी से किए जा रहे नामकरण पर भी रोक लग सकेगी।