सुषमा बिल्डटेक कंपनी के मालिक बाप व दो बेटों द्वारा लुधियाना के नामी कारोबारी के साथ 3.85 करोड़ रुपए की ठगी मार ली। इस मामले में थाना फोकल प्वाइंट की पुलिस ने दविंदर सिंह बेदी की शिकायत पर बिंदर पाल मित्तल, प्रतीक मित्तल और भारत मित्तल के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
राजदीप सिंह सैनी
लुधियाना/यूटर्न/1 अगस्त। सुषमा बिल्डटेक कंपनी के मालिक बाप व दो बेटों द्वारा लुधियाना के नामी कारोबारी के साथ 3.85 करोड़ रुपए की ठगी मार ली। इस मामले में थाना फोकल प्वाइंट की पुलिस ने दविंदर सिंह बेदी की शिकायत पर बिंदर पाल मित्तल, प्रतीक मित्तल और भारत मित्तल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी प्रतीक मित्तल को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी के आरोपी अभी फरार है। लेकिन दूसरी तरफ पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की बात से साफ इंकार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता दविंदर सिंह बेदी ने बताया कि उनकी फोकल प्वाइंट में ताइपन इंडस्ट्री है। जिसमें इंपोर्ट एक्सपोर्ट का कारोबार किया जाता है। आरोपी बिंदर पाल मित्तल, प्रतीक मित्तल और भरत मित्तल सुषमा बिल्डटेक लिमिटेड के डायरेक्टर है। बिंदर पिता और बाकी के दो आरोपी उनके बेटे हैं। बता दें कि सुषमा बिल्डटेक के इन तीन डायरेक्टर्स के खिलाफ बठिंडा के एडवोकेट दविंदर पाल सिंह के साथ भी 10 करोड़ रुपए की ठगी करने के कारण सुसाइड करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है।
ब्याज पर लिए थे 3.85 करोड़ रुपए
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी साल 2023 में आरोपियों के साथ मुलाकात हुई थी। आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता से ब्याज पर 3.85 करोड़ रुपए की पेमेंट की मांग की गई। जिसके चलते 18 अप्रैल 2024 को उन्होंने एक करोड़ रुपए प्रतीक मित्तल और अन्य पार्टनर्स को चैक के जरिए दिए। जिसके बाद उन्होंने जनवरी 2024 को 25 लाख, 29 अप्रैल 2024 को 25 लाख रुपए, फिर 30 अप्रैल को 25 लाख बैंक से चैक के जरिए दिए। फिर शिकायतकर्ता के बेटे करन बेदी के खाते से 1.25 करोड़ रुपए भेजे गए। जिसकी एवज में प्रतीक और भरत मित्तल द्वारा अपनी फर्म सुषमा डेवलपर्स के चैक मूल और ब्याज की रकम भरकर हस्ताक्षर करके शिकायतकर्ता और उनके बेटे के नाम पर दे दिए।
पहली किश्त ही हुई बाउंस
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों द्वारा पेमेंट लेने के बाद पहली ही किश्त बाउंस कर दी गई। जिसके बाद एक साल तक कोई पेमेंट नहीं दी गई। उन्होंने लगातार टाल मटोल करनी शुरु कर दी। जिसके बाद परेशान होकर शिकायतकर्ता अपने बेटे करन बेदी और जानकार प्यूश गोयल के साथ आरोपियों के जीरकपुर स्थित ऑफिस गए।
रकम की एवज में दिए फ्लैट
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी प्रतीक मित्तल और मनू अरोड़ा द्वारा उन्हें 1.50 करोड़ रुपए की रकम की एवज में जीरकपुर स्थित सुषमा बलवेरिया प्रोजेक्ट के तीन फ्लैट की अलाटमेंट करवा दी गई। लेकिन जब शिकायतकर्ता मौके पर गए तो वहां पर कोई फ्लैट नहीं बने हुए थे। उन्होंने आरोपियों को सारी पेमेंट वापिस करने की मांग की। लेकिन वे फिर बहाने बनाने लगे। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2025 में एक शिकायत पुलिस को दी। लेकिन आरोपियों द्वारा कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए 15 दिन बाद ही राजीनामा कर लिया। जिसमें आरोपियों ने सारी पेमेंट किश्तों में वापिस करने की बात मानी। लेकिन आरोपी राजीनामे की शर्तें भी पूरी नहीं कर सके। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने दोबारा पुलिस को शिकायत दी।
कॉलोनियां काटने की नाम पर इकट्ठा किया पैसा
बता दें कि सुषमा बिल्डटेक कंपनी पर कई लोगों के साथ ठगी करने के आरोप हैं। उनकी तरफ से लुधियाना में भी एक कॉलोनी काटने का ऐलान किया गया था। जिसकी एवज में जनता से मोटी रकम भी वसूल कर ली गई। कंपनी डायरेक्टर्स द्वारा बोर्ड और ऐड के जरिए जमीन चंडीगढ़ रोड पर होने का दावा कर प्री बुकिंग कर ली गई। लेकिन असलियत में कंपनी ने न तो कोई जमीन खरीदी और न ही कोई कॉलोनी काटी थी। झूठ बोलकर लोगों से पैसे हड़प लिए। इसी तरह चंडीगढ़, जीरकपुर समेत कई शहरों में कंपनी ने प्री बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपए इकट्ठे कर डाले।
अपने फायदों के लिए जनता की बली दे रहे अधिकारी
सुषमा बिल्डटेक जैसी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा तो लोगों को मूर्ख बनाकर जमकर पैसा हड़प किया गया। लेकिन इस पर कंट्रोल करने वाले अफसरों ने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। चर्चा है कि लुधियाना समेत अन्य शहरों के संबंधित अधिकारी मिलीभगत करके खुद तो अपने फायदे ले लेते हैं। लेकिन लोगों को फंसा देते हैं। उनकी तरफ से लोगों के हक में अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई जाती। वे अधिकारी की सीट पर बैठकर जिम्मेदारी निभाने से तो कतराते हैं, लेकिन सीट पर बैठकर होने वाले फायदे जरुर ले जाते हैं। इन्हीं अफसरों की रिश्वतखोरी के कारण जनता का करोड़ों रुपए ठगा जा चुका है।
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