चर्चा : थाने में चली जाँच या समझौते के प्रयास, लग्जरी गाड़ियों में बाहर बैठे रहे रिश्तेदार
मोहाली/लुधियाना।** पंजाब की चर्चित रियल एस्टेट कंपनी **सुषमा बिल्डटेक लिमिटेड** एक बार फिर कानूनी विवादों के केंद्र में है। कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों, निवेशकों की शिकायतों तथा नियामक संस्थाओं में लंबित प्रकरणों के बीच लुधियाना में दर्ज **3.85 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी** के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार कंपनी के डायरेक्टर **प्रतीक मित्तल** से शनिवार को लुधियाना पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया । हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी या हिरासत की पुष्टि नहीं की है।
थाना फोकल प्वाइंट में दर्ज एफआईआर उद्योगपति **दविंदर सिंह बेदी** की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ब्याज पर दी गई करोड़ों रुपये की राशि वापस नहीं की गई, भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए और बाद में रकम के बदले परियोजना में फ्लैट आवंटित किए गए, जिनको लेकर भी विवाद उत्पन्न हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि एफआईआर में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी बताई जा रही है।
प्रतीक मित्तल से पूछताछ की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल और अन्य राज्यों के निवेशकों में अपनी फंसी रकम की वापसी को लेकर उम्मीदें जगीं। कई निवेशक थाना फोकल प्वाइंट भी पहुंचे, जहां से कथित तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे।चर्चा भी रही कि मामले में जांच के साथ-साथ समझौते की संभावनाओं पर भी बातचीत की
कोशिश हुई। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान थाना परिसर के बाहर कंपनी से जुड़े कुछ लोग और परिजन लग्जरी वाहनों में मौजूद रहे।
सुषमा बिल्डटेक पहले से ही **बठिंडा के चर्चित अधिवक्ता दविंदर पाल सिंह आत्महत्या प्रकरण** में जांच का सामना कर रही है। मृतक द्वारा छोड़े गए कथित सुसाइड नोट और वीडियो में कंपनी के प्रमोटरों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके अलावा **जीरकपुर स्थित सुषमा क्रिसेंट-2 परियोजना** से जुड़े खरीदारों की शिकायतों पर मोहाली में अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। पंजाब रेरा और उपभोक्ता आयोग में भी कंपनी के खिलाफ अनेक मामले लंबित हैं, जबकि कुछ मामलों में खरीदारों के पक्ष में आदेश भी दिए जा चुके हैं।
निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने लुधियाना, जीरकपुर, चंडीगढ़ और अन्य स्थानों पर प्री-बुकिंग योजनाओं के माध्यम से बड़ी राशि जुटाई। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।