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नकली सीबीआई व फर्जी कोर्ट रुम दिखाकर विडियो कॉल पर बुजुर्ग महिला को हाउस अरेस्ट करने का मामला आया था सामने
पंचकूला 28 Jan : पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कोर्ट रूम के माध्यम से एक बुजुर्ग महिला से 2 करोड़ 98 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रमन कुमार वासी फिरोजपुर पंजाब हाल किरायेदार मोहाली के रुप में हुई है। आरोपी को कल कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इस मामले में तीन आरोपी पहले से गिरफ्तार इस मामले में इससे पहले पुलिस ने 15 जनवरी को पूर्वी दिल्ली निवासी नितिन सिंघल को दिल्ली में रेड कर गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में आरोपी के बैंक खाते में करीब 17 लाख रुपये की ठगी की रकम पाई गई। आरोपी को रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। उसके बाद पुलिस ने अन्य 2 आरोपियों अजय और राम को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में मोहाली में किराये के मकान में रह रहे थे। दोनों आरोपियों से रिमांड के दौरान मामले से जुडी जानकारी जुटाकर आज न्यायिक हिरासत भेज दिया है। क्या था पूरा मामला शिकायतकर्ता पंचकूला निवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 4 दिसंबर को उसके पास एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताया और सेवाएं बंद होने की बात कही। इसके बाद कॉल को कथित सीनियर अधिकारी और फिर खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से जोड़ दिया गया। आरोपी ने महिला पर बैंकिंग चैनलों के माध्यम से करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने महिला को कुछ फोटो भी भेजीं, जिनमें एक व्यक्ति को गिरफ्त में दिखाया गया था। आरोपियों ने महिला की अधिक उम्र का फायदा उठाते हुए उसे “हाउस अरेस्ट” में होने का डर दिखाया और कहा कि पुलिस की गाड़ी उसके घर के बाहर खड़ी है तथा वह बिना अनुमति कहीं नहीं जा सकती। इस दौरान महिला से सभी बैंक खातों की जानकारी ले ली गई और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर उसके बच्चों की जान को खतरा होने की धमकी दी गई। 5 दिसंबर को आरोपियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से महिला को एक नकली कोर्ट रूम में पेश किया, जहां फर्जी पुलिसकर्मी और नकली जज मौजूद थे। तथाकथित जांच के नाम पर डराकर आरोपियों ने महिला से कुल 2 करोड़ 98 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में जब आरोपियों ने और पैसों की मांग की, तब महिला को साइबर ठगी का शक हुआ और उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पंचकूला में 14 दिसंबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2) व 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था । प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ऑनलाइन मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी समन व वारंट भेजने, फर्जी कोर्ट रूम तैयार करने और पुलिस व जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर इस सुनियोजित ठगी को अंजाम दिया था। उन्होंने आमजन से अपील की कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस या जांच संस्था फोन या वीडियो कॉल पर इस तरह से पूछताछ नहीं करती और न ही डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान है। यदि कोई व्यक्ति सरकारी योजना या एजेंसी के नाम पर बैंक दस्तावेज, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी मांगे, तो तुरंत सतर्क हों और इसकी पुष्टि संबंधित विभाग से करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।