हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की एकता को कमजोर करती हैं।
नई दिल्ली (Naren Danu) : हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद हुए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम ने सियासत को और गर्म कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पूरे घटनाक्रम को देश को बांटने वाला कदम बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खरगे ने कहा कि किसी भी स्थान का इस तरह शुद्धिकरण करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां समाज में विभाजन पैदा करती हैं और ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
इससे पहले राज्यसभा में भी खरगे ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित 'विजय शंखनाद रैली' के दौरान उन्होंने केवल आम लोगों की समस्याओं पर बात की थी। उन्होंने किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की थी।
खरगे ने आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम के बाद भाजपा से जुड़े लोगों ने उसी स्थान पर शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया, जो बेहद निंदनीय है।
दरअसल, 10 अगस्त को 'श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास' की ओर से रामलीला मैदान में हवन-पूजन और कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया और अब यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।